विजयादशमी सत्य और धर्म की विजय का प्रतीक: भजनलाल शर्मा


जयपुर, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को कहा कि विजयादशमी का पर्व असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का उत्सव है।

सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह दिन हमें याद दिलाता है कि सत्य का मार्ग चाहे कितना भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हो, समाधान का पुल हमेशा बनता है।

गुरुवार को कोटा में 132वें राष्ट्रीय दशहरा मेले में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की उपस्थिति में मौजूद जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेला महज एक उत्सव नहीं बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है।

सीएम शर्मा ने कोटा दशहरा मेले को अपनी भव्यता और ऐतिहासिक महत्व के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध बताया। उन्होंने कहा कि यह देश-विदेश से पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है और धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, मनोरंजन और लोक परंपराओं का संगम है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भगवान श्री राम ने रावण का नाश करके और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुख-समृद्धि पहुंचाकर रामराज्य की स्थापना की। ऐसे में राज्य सरकार ईश्वर के सिद्धांत पर चलते हुए महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए काम कर रही है।

वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि कोटा का दशहरा मेला परंपरा और संस्कृति का एक ऐतिहासिक प्रतीक है। यह पर्व असत्य पर सत्य की विजय का उत्सव है।

उन्होंने याद दिलाया कि श्री राम ने लोगों को एकजुट करके और धर्म की सेना का निर्माण करके अहंकारी रावण को हराया था। मैं यहां मौजूद लोगों से राष्ट्र और राज्य के विकास में योगदान देने के लिए सत्य और नैतिकता के मार्ग पर चलने का आग्रह करता हूं।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी के आह्वान को दोहराते हुए इस कहा कि इससे देश आत्मनिर्भर और विकसित बनेगा। वहीं, जीएसटी दरों में कमी से स्वदेशी उत्पादकों और उपभोक्ताओं दोनों को सीधा लाभ हुआ है।

उन्होंने आगे कहा कि इस वर्ष लोग मेले में बड़ी संख्या में हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पाद खरीदकर बचत का जश्न मना रहे हैं। यह आयोजन कारीगरों और शिल्पकारों के लिए नई समृद्धि और खुशियां लेकर आएगा।

इस अवसर पर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भारत का सबसे बड़ा 233 फीट का रावण का पुतला बनाने के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किया।

–आईएएनएस

एकेएस/पीएसके


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