अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हमले की बलूच समूह ने की कड़ी आलोचना

क्वेटा, 24 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर भारी तनाव चल रहा है। दोनों देशों के बीच 2025 में सीमा पर भीषण झड़प देखने को मिली, जिसके बाद दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर सीजफायर कराया गया। दोनों देशों के बीच सीजफायर समझौता नाकाम रहा और एक बार फिर पाकिस्तान ने हाल ही में अफगानिस्तान पर बड़ा एयर स्ट्राइक कर दिया।
बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) ने पाकिस्तान के इस हमले की कड़ी निंदा की है। बीएनएम ने पाक की कार्रवाई को अफगानिस्तान की आजादी और इलाके की संप्रभुता पर सीधा हमला बताया।
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तान के हमले को लेकर बयान जारी किया, जिसके बाद बीएनएम की प्रतिक्रिया सामने आई। पाकिस्तान ने नंगरहार और पक्तिका प्रांतों के कई रिहायशी इलाकों में एयरस्ट्राइक किए, जिसमें कई आम लोगों की मौत हो गई।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में एक मदरसा और कई रिहायशी घरों को निशाना बनाया गया, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों आम लोग मारे गए और घायल हुए।
बीएनएम ने पाकिस्तान के हमले में प्रभावित अफगान परिवारों के साथ एकजुटता दिखाई और अफगान की आजादी और उसके आत्मरक्षा के अधिकार के लिए अपना समर्थन दोहराया।
बीएनएम ने कहा, “पिछले 79 सालों से, इस इलाके में अस्थिरता का मुख्य कारण पाकिस्तान सरकार की नीतियां रही हैं, जो उसकी खुली और छिपी हुई विस्तारवादी महत्वाकांक्षाओं से चलती हैं।”
बलूच नेशनल मूवमेंट ने पाकिस्तान पर बलूचिस्तान पर कब्जा करने और इस इलाके की आजादी छीनने का आरोप लगाया। बीएनएम ने कहा कि पाकिस्तान ने बलूचिस्तान को एक दबंग पंजाबी शासन के अधीन रखा। पाकिस्तान के अधीन ‘दबे हुए देश’ अपने ‘देश के वजूद’ के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
इसने कहा, ”दुनिया देख सकती है कि पाकिस्तान राजनीतिक और सामाजिक रूप से बिखर गया है और यही हालात खुद देश के लिए संकट का कारण बन गए हैं। पाकिस्तानी सेना के दबाव और राजनीतिक ताकतों के खिलाफ हिंसा के बावजूद, पाकिस्तान अपने अंदरूनी मामलों को सुलझाने में लगातार नाकाम रहा है।”
बलूच समूह ने कहा, ”वह अपनी नाकामियों की जिम्मेदारी पड़ोसी देशों पर डालना चाहता है, जिससे इलाके में अस्थिरता और युद्ध जैसा माहौल बनता है।”
इसके साथ ही दक्षिणपंथी समूह ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान की सैन्य ताकत न केवल इलाके में बल्कि उससे भी आगे एक साफ खतरा है। इस स्थिति से निपटने के लिए बीएनएम ने अफगानिस्तान और बलूचिस्तान की एकता पर जोर दिया।
–आईएएनएस
केके/एबीएम