चुनाव समाप्त होते ही ठाकरे भाइयों की एकता भी खत्म हो गई: प्रेम शुक्ल

नई दिल्ली, 22 जनवरी (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ल ने महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की सियासत से जुड़े कई अहम मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मनसे के समर्थन, उद्धव ठाकरे गुट पर लगाए गए आरोपों और शंकराचार्य मामले में अखिलेश यादव की टिप्पणी को लेकर पार्टी का पक्ष रखा।
प्रेम शुक्ल ने कहा कि ठाकरे भाइयों के बीच दिखाई देने वाली एकता केवल चुनाव तक ही सीमित थी। चुनाव खत्म होते ही वह एकता भी खत्म हो गई। उन्होंने दावा किया कि डोंबिवली-कल्याण क्षेत्र में राज ठाकरे द्वारा ‘असली शिवसेना’ को दिया गया समर्थन इस बात का प्रमाण है कि ठाकरे विरासत के असली वारिस एकनाथ शिंदे हैं और राज ठाकरे ने भी अब इस पर अपनी मुहर लगा दी है।
उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के एक पूर्व विधायक ने खुद स्वीकार किया कि समर्थन राज ठाकरे से पूछकर दिया गया। प्रेम शुक्ल ने तंज कसते हुए कहा कि यह सब पर्दे के पीछे नहीं, बल्कि सबके सामने हो रहा है, लेकिन उद्धव ठाकरे की पार्टी इसे देखने से इनकार कर रही है।
बता दें कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में मेयर के लिए महायुति गठबंधन को समर्थन देने का ऐलान किया है।
महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के लिए 15 जनवरी को चुनाव हुए और नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए गए। भाजपा के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन ज्यादातर नगर पालिकाओं में विजयी रहा।
प्रेम शुक्ल ने शंकराचार्य और सनातन मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी सनातन की ध्वजवाहक है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने कभी निर्दोष कारसेवकों पर गोलियां चलाने के आदेश दिए थे, वही लोग आज सनातन की बात कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यही लोग स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ खड़े नजर आते हैं और उनके साथ मारपीट जैसी घटनाओं में शामिल रहे हैं।
–आईएएनएस
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