15 साल के गणेश यादव की मौत के बाद नेपाल में गुस्सा, गृह मंत्री को घेरने की चेतावनी, कई जिलों में कर्फ्यू


सिराहा, 31 जुलाई (आईएएनएस)। नेपाल की जनता एक बार फिर से सड़कों पर उतर चुकी है। रविवार को हुए सामुदायिक हिंसा के बाद से नेपाल में काफी तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं। प्रधानमंत्री बालेंद्र उर्फ बालेन शाह और गृह मंत्री सुदान गुरुंग के खिलाफ लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

नेपाल के इस सामुदायिक हिंसा के दौरान पुलिस के साथ हुई झड़प में तीन लोगों की मौत हो गई। इस घटना में 15 साल के गणेश यादव की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद उनके रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने विरोध प्रदर्शन किया।

नेपाल न्यूज के अनुसार, जब उन्हें पता चला कि गृह मंत्री सुदान गुरुंग, गणेश यादव के दुखी परिवार से मिलने जा रहे हैं तो स्थानीय लोग धनुषा जिले में स्थित बनिनिया चौक पर विरोध करने के लिए इकट्ठा हो गए। गणेश यादव औराही रूरल म्युनिसिपैलिटी-2 का रहने वाला था। सुनसरी घटना से जुड़े गोलबाजार में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक गणेश यादव को इंसाफ नहीं मिल जाता, वे गृहमंत्री को इलाके में आने से रोकेंगे। स्थानीय लोगों ने बालेन सरकार और गृह मंत्री के खिलाफ नारे लगाए।

द काठमांडू पोस्ट के अनुसार, सुनसरी में झगड़े के बाद शुरू हुआ सांप्रदायिक तनाव तराई के कई जिलों में फैल गया है। चार जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों ने गुरुवार रात से सुनसरी, सप्तरी, सिराहा और धनुषा में कर्फ्यू लगा दिया।

वहीं, पूर्वी जिले सुनसरी से हिंसा फैलने पर परसा में रोक लगा दी गई है। अशांति को रोकने के लिए नेपाल पुलिस, आर्म्ड पुलिस फोर्स और नेपाली आर्मी को बड़ी संख्या में तैनात किया गया है।

इससे पहले दिन में, सुनसरी में रविवार की हिंसा में गंभीर रूप से घायल हुए 20 साल के जया प्रकाश मेहता की विराटनगर के न्यूरो हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। यह अशांति तब शुरू हुई, जब दीवानगंज रूरल म्युनिसिपैलिटी के वार्ड 3 के 24 साल के ओम प्रकाश मेहता की रविवार रात सुनसरी में दो समुदायों के बीच टकराव के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई।

नेपाली मीडिया ने बताया कि गुरुवार सुबह यह अशांति मधेश के प्रांतीय हेडक्वार्टर जनकपुर तक पहुंच गई, जहां प्रदर्शनकारियों ने मार्केट बंद कर दिए और पुलिस के साथ बार-बार झड़प हुई, जिसके बाद अधिकारियों ने दोपहर 3:30 बजे से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया।

चीफ डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर प्रेम प्रसाद लुइटेल ने कहा कि अनिश्चितकालीन कर्फ्यू जनकपुरधाम सब-मेट्रोपॉलिटन सिटी के सभी वार्ड और आस-पास के इलाकों में लागू है, जो उत्तर में लक्ष्मीनिया से लेकर दक्षिण में नागरैन तक और पूर्व में बेलौनी रोड कॉरिडोर से लेकर पश्चिम में सिनुरजोड़ा और दूधमती ब्रिज इलाकों तक फैला हुआ है। प्रशासन ने अपने आधिकारिक आदेश में डिटेल्ड बाउंड्री कोऑर्डिनेट्स जारी किए हैं।

जिला प्रशासन ने नेपाली सेना को कर्फ्यू लागू करते समय जरूरत पड़ने पर लाइव एम्युनिशन इस्तेमाल करने की भी इजाजत दी है और सैनिकों को सिर्फ कम से कम जरूरी फोर्स इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।

मौजूदा हालातों के बीच गुरुवार को प्रधानमंत्री बालेन शाह ने देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की। देश के नाम संबोधन में शाह ने कहा कि सरकार इस स्थिति को बेहद गंभीरता से ले रही है। उन्होंने हिंसा के दौरान पुलिस से हुई झड़पों में मारे गए तीन लोगों, जय प्रकाश मेहता, ओम प्रकाश मेहता और गणेश यादव के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की।

प्रधानमंत्री शाह ने जनता को भरोसा दिलाया कि सुनसरी, सिराहा और अन्य प्रभावित जिलों में हुई घटनाओं के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा, “मैं सभी को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। सरकार सभी दोषियों को, चाहे वे कोई भी हों, कानून के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।”

बालेन शाह ने बताया कि गृह मंत्रालय ने घटनाओं की जांच के लिए पहले ही एक जांच समिति बना दी है। साथ ही स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि घायल लोगों का तुरंत और बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए।

–आईएएनएस

केके/वीसी


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