आंध्र और छत्तीसगढ़ ने नई राजधानियों के लिए केंद्र सरकार से की मांग

आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ ने शनिवार को नई राज्य राजधानियों के विकास के लिए सरकार से सहायता मांगी है। वहीं, तमिलनाडु, हरियाणा और ओडिशा जैसे अन्य राज्यों ने परियोजना-विशिष्ट समर्थन की मांग की, केरल ने नकदी संकट से निपटने के लिए 24,000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की है।

केंद्र में एनडीए सरकार के एक प्रमुख समर्थक के रूप में टीडीपी के आंध्र प्रदेश में सत्ता में आने के बाद, राज्य के लिए विशेष पैकेज जोकि बहुत लंबे समय से लंबित मांग माना जा रहा था। इस मांग को लेकर राज्य को अब सरकार से बहुत उम्मीदें हैं, लेकिन सूत्रों ने कहा कि राज्य के वित्त मंत्री ने केवल अमरावती में एक नई राजधानी और पोलावरम बांध परियोजना के निर्माण सहित कई परियोजनाओं के लिए समर्थन मांगा।

सरकार के सामने केरल ने रखी ये मांग 

केरल के वित्त मंत्री के एन बालागोपाल ने शनिवार को केंद्र से आग्रह किया कि वह राज्य के सामने मौजूद नकदी संकट से निपटने के लिए आम बजट 2024-25 में इस दक्षिणी राज्य के लिए 24,000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की घोषणा करे। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बजट-पूर्व बैठक के दौरान केरल ने यह मांग रखी।

केरल ने की 24,000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग 

केरल के वित्त मंत्री के एन बालगोपाल ने एक भाषण में कहा, ‘राष्ट्रीय गौरव को बनाए रखने में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान को ध्यान में रखते हुए (जिसमें एचडीआई, एसडीजी, स्टार्ट अप और नवाचार शामिल हैं) 2024-25 से दो साल की अवधि में इसे निर्धारित करके मौजूदा तरलता तनाव (current liquidity stress)  को दूर करने के लिए केंद्रीय बजट 2024-25 में कम से कम 24,000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की घोषणा की जा सकती है।’

छत्तीसगढ़ ने कृषि उत्पादों का उठाया मुद्दा

छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों ने घरेलू बाजार में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए चावल और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध हटाने की भी मांग की। भाजपा शासित राज्य ने जिला खनिज निधि के लिए खर्च मानदंडों में बदलाव की मांग करते हुए नया रायपुर के लिए भी धन मांगा।

हरियाणा के वित्त मंत्री ने सरकार से की यह मांग

हरियाणा के वित्त मंत्री जय प्रकाश दलाल ने शनिवार को एनसीआर में विभिन्न परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए केंद्र से विशेष अनुदान सहायता मांगी है। जिसमें 11,600 करोड़ रुपये की लागत से पलवल से सोनीपत तक 122 किलोमीटर लंबा हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर और दिल्ली-पानीपत फास्ट रेल कॉरिडोर शामिल हैं। 

तमिलनाडु ने की 63,000 करोड़ रुपये की मांग 

वहीं, तमिलनाडु के वित्त मंत्री थंगम थेनारासु ने चेन्नई मेट्रो रेल के दूसरे चरण के लिए 63,000 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान की मांग की, जो तीन साल से सीसीईए की मंजूरी के इंतजार में लटका हुआ है। इसके अलावा, वित्त मंत्री थंगम थेनारासु ने अन्य परियोजनाओं के लिए धन की मांग की। वित्त मंत्री ने आपदा राहत के लिए धन की भी मांग की।

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