पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण हालात के बीच पुतिन के दौरे से भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेगा बूस्ट: वाइएल अव्वाद


ओस्लो, 19 मई (आईएएनएस)। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस साल भारत के दौरे पर पहुंचने वाले हैं। रूसी राष्ट्रपति सितंबर में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में शामिल होंगे। रूसी राष्ट्रपति के भारत दौरे को लेकर पश्चिम एशिया मामले के विशेषज्ञ वाइएल अव्वाद ने कहा कि पुतिन की ये यात्रा बेहद अहम है। इससे भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ा बूस्ट मिलेगा।

ब्रिक्स समिट 2026 में हिस्सा लेने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे को लेकर पश्चिम एशिया एक्सपर्ट वाइएल अव्वाद ने कहा, “मुझे लगता है कि यह एक बहुत जरूरी दौरा है, खासकर दुनियाभर में भूर-राजनीतिक हालात में तेजी से हो रहे बदलावों को देखते हुए चाहे वह रूस-यूक्रेन युद्ध हो या पश्चिम एशिया में चल रहा झगड़ा, इससे भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ा बूस्ट मिलेगा, क्योंकि इसे एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था और मिलिट्री पावर के तौर पर पहचाना जा रहा है।”

अव्वाद ने कहा, “रूस के लिए भारत के साथ संबंध बहुत, बहुत जरूरी हैं और वे भारत को अपने रणनीतिक एसेट में से एक मानते हैं। वे भारत के साथ अपने संबंधों के किसी भी पहलू पर समझौता नहीं करना चाहते। इसलिए वे भारत को ऊर्जा सप्लाई करने के साथ-साथ तकनीक देने और तकनीक ट्रांसफर करने में बहुत सपोर्टिव रहे हैं। जब भारत को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब रूस ने कभी मुंह नहीं मोड़ा।”

उन्होंने कहा, “फारस की खाड़ी में सप्लाई चेन में रुकावटें पहले से ही आ रही हैं और हम जानते हैं कि दुनिया का पांचवां हिस्सा का ट्रेड वहीं से होता है। भारत चल रहे युद्ध और उसके असर से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वालों में से एक है। अभी, मार्केट अमेरिकी राष्ट्रपति या ईरान से आने वाली बातों के हिसाब से रिएक्ट करते हैं और आप उतार-चढ़ाव देख सकते हैं। इसलिए भारत यह बर्दाश्त नहीं कर सकता। भारत अपने रिसोर्स को अलग-अलग तरह का बनाना चाहता है, खासकर रूस और दूसरे देशों के साथ।”

–आईएएनएस

केके/वीसी


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