बिजली और गैस की कमी के बीच बांग्लादेश ने भारत से की अधिक डीजल सप्लाई की अपील


ढाका, 7 अगस्त (आईएएनएस)। बांग्लादेश ने देश में जारी बिजली और गैस संकट से निपटने के लिए भारत से सीमा पार पाइपलाइन के जरिए डीजल आपूर्ति बढ़ाने का अनुरोध किया है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बांग्लादेश के पावर, एनर्जी और मिनरल रिसोर्स मंत्री इकबाल हसन महमूद ने ढाका में सेक्रेटेरिएट में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी के साथ मीटिंग के बाद रिपोर्टर्स को संबोधित करते हुए इस बात की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा सहयोग उन खास मुद्दों में से एक था जिन पर चर्चा हुई। बांग्लादेशी अखबार द बिजनेस स्टैंडर्ड ने महमूद के हवाले से कहा, “हम पाइपलाइन के जरिए भारत से डीजल आयात करते हैं और हमने उनसे और सप्लाई करने की अपील की है।”

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पड़ोसी देशों के तौर पर बांग्लादेश और भारत के बीच आपसी हितों के कई मामले हैं। बांग्लादेशी मंत्री ने कहा कि भारतीय राजदूत से मिलना विदेशी डिप्लोमैट्स के साथ उनके रेगुलर एंगेजमेंट का हिस्सा था।

उन्होंने कहा, “मैं अलग-अलग देशों के राजदूत से लगातार मिलता रहता हूं। भारतीय उच्चायुक्त के साथ मीटिंग भी एक रूटीन मीटिंग थी, क्योंकि भारत हमारा पड़ोसी देश है, इसलिए हमारे कई आपसी हितों के क्षेत्र हैं और उन मुद्दों पर बात हुई।”

भारतीय उच्चायुक्त त्रिवेदी ने गुरुवार को महमूद से मुलाकात की, जहां दोनों पक्षों ने पावर और ऊर्जा क्षेत्र में भारत-बांग्लादेश सहयोग को और मजबूत करने पर अपने विचार साझा किए। मीटिंग के दौरान बांग्लादेश के पावर, ऊर्जा और मिनरल रिसोर्सेज के राज्य मंत्री अनिंद्य इस्लाम अमित भी मौजूद थे।

ढाका में भारतीय उच्चायोग ने एक्स पर पोस्ट किया, “चर्चा में भारत-बांग्लादेश आर्थिक साझेदारी के एक अहम स्तंभ के तौर पर क्रॉस-बॉर्डर पावर और ऊर्जा संपर्क की अहमियत पर फोकस किया गया। दोनों पक्षों ने ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, सतत विकास को बढ़ावा देने और दोनों देशों के लोगों की खुशहाली में मदद करने के मकसद से आपसी हित और आपसी फायदे के आधार पर सहयोग को आगे बढ़ाने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को फिर से कन्फर्म किया।”

रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल की शुरुआत में, भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन के जरिए भारत से बांग्लादेश में 5,000 टन और डीजल आना शुरू हुआ, जिससे पश्चिम एशिया में समुद्री अनिश्चितता के बीच ढाका की फ्यूल सुरक्षा मजबूत हुई, जिससे ऊर्जा इंपोर्ट पर प्रभाव पड़ रहा है।

–आईएएनएस

केके/वीसी


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