हीट वेव को लेकर अलर्ट: मुख्य सचिव ने प्रदेश में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए


लखनऊ, 18 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में बढ़ती गर्मी और संभावित हीट वेव को देखते हुए मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी जिलों में बचाव उपायों के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़ी तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी स्वास्थ्य अभियानों, गेहूं खरीद व्यवस्था और श्रमिक योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में संचारी रोग नियंत्रण अभियान 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक तथा दस्तक अभियान 10 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलाया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलाधिकारी स्वास्थ्य विभाग समेत संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर माइक्रो प्लान तैयार करें और समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी कराएं। अभियान में लगे कर्मियों का प्रशिक्षण भी समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने अभियान की सफलता के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग पर जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई, एंटी-लार्वा छिड़काव, जलभराव निस्तारण और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था प्राथमिकता पर सुनिश्चित की जाए। डेंगू और चिकनगुनिया जैसे रोगों के प्रति संवेदनशील जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।

मुख्य सचिव ने ग्राम प्रधान, आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अभियान से जोड़ने और यूनिसेफ, पाथ तथा डबल्यूएचओ-एनपीएसपी के सहयोग से जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही स्कूलों में बच्चों को स्वच्छता और वेक्टर जनित बीमारियों के प्रति जागरूक करने पर बल दिया गया।

उन्होंने मौसम विभाग के पूर्वानुमान का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। ऐसे में हीट वेव से बचाव के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर शीतल पेयजल की व्यवस्था और जरूरत पड़ने पर शेल्टर होम संचालित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में गेहूं क्रय वर्ष 2026-27 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सभी क्रय केंद्रों को पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाते हुए वहां पेयजल, छाया, बैठने और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, तौल समय से हो और बोरों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। दूरदराज क्षेत्रों के किसानों की सुविधा के लिए मोबाइल क्रय केंद्रों के संचालन पर भी जोर दिया गया। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं खरीद का लक्ष्य 10 लाख मीट्रिक टन रखा गया है, जबकि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 160 रुपए बढ़ाकर 2585 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है। प्रदेश में 5494 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 504 मोबाइल केंद्र शामिल हैं।

मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन (पीएम-एसवाईएम) योजना और प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश देते हुए कहा कि असंगठित क्षेत्र के अधिक से अधिक श्रमिकों को इन योजनाओं से जोड़ा जाए। उन्होंने ई-श्रम पोर्टल से जुड़े श्रमिकों को एसएमएस के माध्यम से जागरूक करने और ईपीएफओ के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया।

–आईएएनएस

विकेटी/डीकेपी


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