अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा राजनीति से प्रेरित, डीएम पर बंधक बनाने के आरोप झूठे: ओपी राजभर


लखनऊ, 27 जनवरी (आईएएनएस)। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओपी राजभर ने मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट इस्तीफा विवाद, धार्मिक-सामाजिक मुद्दों, अल्पसंख्यक राजनीति और अंतरराष्ट्रीय समझौतों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद मचे राजनीतिक और प्रशासनिक घमासान पर राजभर ने इसे राजनीति से प्रेरित कदम बताया।

ओपी राजभर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री राजनीति में आना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से उन्होंने इस्तीफा देकर खुद को चर्चा में बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि नौकरी करके पैसा कमा लिए होंगे। जब पैसा हो जाता है तो लोग राजनीति की तरफ भागते हैं। तो यही उनकी एक पहल है और कोई बात नहीं।

सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा डीएम पर बंधक बनाने के आरोप को राजभर ने सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह आरोप पूरी तरह झूठे हैं। मैंने खुद डीएम से बात की थी। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। वो झूठ बोल रहा है और नेतागिरी के चक्कर में पड़ गया है। यह पूछे जाने पर कि क्या सिटी मजिस्ट्रेट के पीछे किसी राजनीतिक दल का हाथ है, ओपी राजभर ने कहा कि इस बारे में कोई ठोस सबूत नहीं है, लेकिन यह स्पष्ट है कि उनका कदम राजनीति से प्रेरित है।

उत्तराखंड में गैर-हिंदुओं के धार्मिक स्थलों में प्रवेश पर रोक के मामले में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ओपी राजभर ने कहा कि उनका तर्क सही है। उन्होंने कहा कि यह देश सभी जाति और धर्म के लोगों का है। कहीं भी किसी को रोका नहीं जाना चाहिए। अजमेर शरीफ में हर जाति-धर्म के लोग चादर चढ़ाने जाते हैं। बयान देना अलग बात है, लेकिन उसका पालन कराना बहुत कठिन काम होता है।

कांग्रेस पर मुसलमानों की अनदेखी को लेकर मुस्लिम नेताओं द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर ओपी राजभर ने कहा कि इसकी सबसे बड़ी वजह मुसलमानों में बढ़ती जागरूकता है। उन्होंने कहा कि अब मुस्लिम समाज शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और नौकरी जैसे बुनियादी मुद्दों पर सोचने लगा है। राजभर ने कहा कि अब वे किसी के फतवे पर वोट देने को तैयार नहीं हैं। लोगों को समझ में आ गया है कि कांग्रेस हो, सपा हो या बसपा—सभी दलों ने मुसलमानों का सिर्फ इस्तेमाल किया है। उनके अधिकारों के लिए कोई ईमानदारी से खड़ा नहीं हुआ।

भारत-यूरोपीय संघ (भारत-ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की घोषणा पर ओपी राजभर ने इसे एक सकारात्मक और दूरदर्शी पहल बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जहां भी जाते हैं, वहां गौतम बुद्ध के शांति संदेश के साथ-साथ व्यापार और सहयोग को भी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छी पहल है। प्रधानमंत्री का प्रयास रहता है कि दोनों देशों के बीच आयात-निर्यात सुचारू रूप से चले। आपको जो जरूरत हो, हम दें और हमें जो जरूरत हो, आप दें। लंबे समय के बाद इस तरह की डील शुरू हुई है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद होगी।

–आईएएनएस

पीएसके


Show More
Back to top button