महाराष्ट्र : युवाओं के लिए विदेश में नौकरी दिलाने के लिए एजेंसी बनाई


मुंबई, 6 फरवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार को एक राज्य-स्तरीय सर्वोच्च संस्था, महाराष्ट्र एजेंसी फॉर होलिस्टिक इंटरनेशनल मोबिलिटी एंड एडवांसमेंट्स (महिमा) की स्थापना को मंजूरी दी। यह पूरी तरह से सरकार के स्वामित्व वाली, गैर-लाभकारी कंपनी होगी, जिसका मकसद राज्य के कुशल कर्मचारियों के लिए विदेशों में रोजगार की सुविधा के लिए एक इकोसिस्टम बनाना है।

एजेंसी एनएसडीसी-इंटरनेशनल, ग्लोबल एम्प्लॉयर्स, स्किल यूनिवर्सिटीज, ट्रेनिंग संस्थानों, इंडस्ट्री एसोसिएशन और रिक्रूटिंग एजेंसियों के साथ कोऑर्डिनेट करेगी।

महिमा उम्मीदवारों को स्किल और भाषा ट्रेनिंग, काउंसलिंग, डॉक्यूमेंटेशन में मदद, विदेश जाने से पहले ओरिएंटेशन और स्कॉलरशिप और क्रेडिट गारंटी सहित वित्तीय सहायता के जरिए सपोर्ट करेगी।

सरकारी प्रस्ताव में कहा गया है, “इसके काम का दायरा मुख्य रूप से इन प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होगा, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और समझौते, विज्ञापन और प्रचार, योग्य उम्मीदवारों का डेटाबेस, मार्गदर्शन और काउंसलिंग, स्किल और भाषा ट्रेनिंग, संस्कृति और शिष्टाचार के बारे में सहायता, डॉक्यूमेंटेशन में मदद, विदेश जाने से पहले ओरिएंटेशन ट्रेनिंग, और टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।”

कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के तहत गठित, महिमा कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार विभाग के तहत काम करेगी।

प्रस्ताव में कहा गया, “मौजूदा हालात में, घरेलू रोजगार पैदा करने की चुनौती, विकसित देशों में रोजगार के अवसरों की उपलब्धता और भारत में मिलने वाली सैलरी की तुलना में काफी ज्यादा सैलरी, इन सबने पिछले कुछ सालों में भारतीय युवाओं में अंतर्राष्ट्रीय रोजगार की ओर बढ़ते रुझान को जन्म दिया है। खास बात यह है कि इनमें महाराष्ट्र के श्रमिकों और छात्रों का अनुपात काफी ज्यादा है।”

आगे कहा, “केरल, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों ने विदेशी रोजगार पहलों के प्रभावी समन्वय और कार्यान्वयन के लिए समर्पित अम्ब्रेला संगठन स्थापित किए हैं। इन संस्थानों के माध्यम से, कुशल मानव शक्ति को विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।”

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि रोजगार के अवसरों और लंबे समय तक करियर ग्रोथ को बेहतर बनाने के लिए कुशल कार्यबल के लिए एक मजबूत और अच्छी तरह से समन्वित इकोसिस्टम बनाना जरूरी है।

अच्छी क्वालिटी की ट्रेनिंग, भाषा कौशल, सर्टिफिकेशन, काउंसलिंग और भरोसेमंद प्लेसमेंट सपोर्ट तक पहुंच श्रमिकों को घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों नौकरी बाजारों में प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाती है।

यह भी माना जाता है कि स्किल संस्थानों, उद्योग, रिक्रूटर और सरकारी एजेंसियों को जोड़ने वाली एक संरचित प्रणाली शोषण को कम करने, बेहतर सैलरी और काम करने की स्थिति सुनिश्चित करने और नौकरी चाहने वालों के बीच आत्मविश्वास बनाने में मदद करती है।

इसके अलावा, ऐसा इकोसिस्टम युवा पेशेवरों को बदलते वैश्विक जरूरतों के अनुकूल होने की अनुमति देता है और कार्यबल की समग्र विश्वसनीयता को बढ़ाता है, जिससे वे दुनिया भर के नियोक्ताओं के लिए अधिक आकर्षक बनते हैं।

–आईएएनएस

एससीएच


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