अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर आरोपों के बाद धर्मगुरुओं के मुंह में दही जम गई है : मौलाना साजिद रशीदी


नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। माघ मेले में प्रशासन के साथ सीधी तकरार के बाद ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बड़ा झटका लगा है।

इलाहाबाद जिला न्यायालय की पॉक्सो एक्ट की अदालत ने नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने का आदेश दिया है। अब इस कड़ी में ऑल इंडिया इमाम संगठन के प्रमुख मौलाना साजिद रशीदी ने पूरे संत समाज पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि अब तथाकथित हिंदू धर्मगुरुओं के मुंह में दही जम गई है, जो पहले छांगुर बाबा मामले पर चीख-चीख कर बोल रहे थे।

ऑल इंडिया इमाम संगठन के प्रमुख मौलाना साजिद रशीदी ने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बहाने हिंदू धर्म गुरुओं पर निशाना साधा है और यौन उत्पीड़न मामले में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का नाम आने के प्रकरण को शर्मनाक और निंदनीय बताया है।

आईएएनएस से बातचीत में मौलाना साजिद रशीदी ने कहा, “पहले तो ऐसा लगता था कि यह व्यक्ति सच्चा और ईमानदार है, खुलकर बोलता है, लेकिन जब अदालत ने उनके खिलाफ पोक्सो अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया कि उन्होंने लड़कियों को परेशान किया है या उनके आश्रम में ऐसी घटनाएं होती हैं, तो ऐसा लगा कि इन हिंदू धार्मिक गुरुओं की, जिनकी देवताओं की तरह पूजा की जाती है, बहुत अफसोस होता है कि वे शादी नहीं करते और फिर लड़कियों को इस तरह परेशान करते हैं। कुछ पहले से ही जेल में हैं, और कुछ जेल जाने वाले हैं।”

छांगुर बाबा का उदाहरण देते हुए उन्होंने सवाल किया कि अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की जगह अगर कोई मुस्लिम होता तो क्या होता। उन्होंने आगे कहा कि छांगुर बाबा मामले को देख लीजिए। धर्मांतरण के मामले पर सारे धर्मगुरुओं ने मिलकर आवाज उठाई थी, कोहराम मचा दिया था, लेकिन आज किसी को नहीं पता कि छांगुर बाबा कौन है, कहां है, और क्या हुआ था उसके साथ। धर्मगुरुओं पर कटाक्ष करते हुए मौलाना ने कहा कि अब हिंदू धर्मगुरुओं के मुंह में दही जम गई है क्योंकि इनके समाज के बड़े शंकराचार्य का नाम आया है। अब कोई कुछ नहीं बोलेगा। अब उन्हें छोटी बच्चियों की फिक्र नहीं हो रही।

–आईएएनएस

पीएस/एएस


Show More
Back to top button