वित्त वर्ष 26 में मजबूत वृद्धि के बाद ऑटो इंडस्ट्री की रफ्तार में वित्त वर्ष 27 में आ सकती है नरमी


नई दिल्ली, 27 मार्च (आईएएनएस)। भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर की वृद्धि दर में नरमी देखने को मिल सकती है। वहीं, जीएसटी में कटौती से सामर्थ्य में सुधार होने और आर्थिक गतिविधियों के मजबूत रहने से चालू वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 26) में ऑटो इंडस्ट्री में मजबूत वृद्धि देखने को मिली है। यह जानकारी शुक्रवार को एक रिपोर्ट में दी गई।

आईसीआरए की रिपोर्ट में कहा गया है कि जीएसटी में बदलाव मुख्य रूप से मांग में वृद्धि का कारण बने, क्योंकि इससे दोपहिया वाहनों की सामर्थ्य में सुधार हुआ और वाणिज्यिक वाहनों के बेड़े बनाना पहले के मुकाबले किफायती हो गया है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जीएसटी दरों में कटौती, माल ढुलाई में वृद्धि और बुनियादी ढांचागत गतिविधियों के कारण वाणिज्यिक वाहन क्षेत्र में तेजी आई।

रेटिंग एजेंसी ने बताया कि फरवरी 2026 में वाणिज्यिक वाहनों की थोक बिक्री में पिछले वर्ष की तुलना में 23.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि वित्त वर्ष 2026 के पहले 11 महीनों में घरेलू थोक बिक्री में 12.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

खुदरा बिक्री में पिछले महीने की तुलना में 28.9 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में मजबूत वृद्धि हुई।

वहीं, हल्के वाणिज्यिक वाहनों (एलसीवी) को अंतिम मील माल ढुलाई में सुधार और जीएसटी के कारण लागत में हुई कटौती के प्रति उनकी उच्च संवेदनशीलता से लाभ मिला।

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया कि वित्त वर्ष 26 में इस सेगमेंट में 7-9 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। वित्त वर्ष 27 में यह अनुमान 4-6 प्रतिशत पर है।

रिपोर्ट में कहा गया,“मांग में तेजी के बावजूद, उच्च वित्तपोषण लागत और विशेष रूप से एलसीवी सेगमेंट में पुराने वाहनों की बढ़ती मांग, निकट भविष्य में कुछ बाधाएं पैदा कर सकती हैं।”

दोपहिया वाहन सेगमेंट में व्यापक सुधार देखने को मिला, और ग्रामीण मांग में सुधार, बेहतर वित्तपोषण उपलब्धता और जीएसटी के कारण बढ़ती सामर्थ्य के चलते वित्त वर्ष 2026 में बिक्री कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंचने की संभावना है।

रेटिंग एजेंसी ने वित्त वर्ष 2026 में घरेलू थोक बिक्री में लगभग 9 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया है, जो वित्त वर्ष 2027 में उच्च आधार के कारण घटकर 3-5 प्रतिशत रह जाएगी।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि प्रतिस्थापन चक्र और ग्रामीण आय में वृद्धि से मांग को समर्थन मिलने की उम्मीद है, और जीएसटी दरों में कटौती से 350 सीसी से कम के दोपहिया वाहनों के सामर्थ्य में वृद्धि हुई है।

–आईएएनएस

एबीएस/


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