काशी की महिलाओं को स्वावलंबी बना रहा अदाणी फाउंडेशन

वाराणसी, 15 मई (आईएएनएस)। वाराणसी जिले के सेवापुरी ब्लॉक के पास महिलाएं मुख्य रूप से गृहिणी हैं, जिन्हें स्वावलंबी बनाना अदाणी फाउंडेशन का लक्ष्य है। अदाणी स्किल डेवलपमेंट सेंटर द्वारा कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने के बाद, इन महिलाओं ने पूरे जोश के साथ प्रशिक्षण में प्रवेश लिया और अगरबत्ती, पैकेजिंग, मार्केटिंग और लॉजिस्टिक्स के निर्माण के सभी पहलुओं को सीखा।

वर्तमान में काशी प्रेरणा सक्षम निर्माता कंपनी लिमिटेड विभिन्न मांगों के अनुरूप अगरबत्ती का उत्पादन करती है। यहां लगभग 300 महिलाएं हैं, परियोजना की सफलता प्रत्येक के अथक प्रयासों के कारण है। निवेश, सशक्तिकरण और महिलाओं के जीवन में परिवर्तन अदाणी फाउंडेशन का उद्देश्य है। 2024 में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को रोजगार योग्य बनाने का लक्ष्य लेकर अदाणी फाउंडेशन इस दिशा में अग्रणी है।

अदाणी कौशल विकास केंद्र ने इस वर्ष महिला दिवस संयुक्त राष्ट्र की 2024 थीम “महिलाओं में निवेश: प्रगति में तेजी लाने” को ध्यान में रखते हुए और उससे जुड़ते हुए पूरे भारत में महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए हैं।

वाराणसी में अदाणी फाउंडेशन ने अपने मिशन के साथ कौशल विकास और उद्यमिता कार्यक्रम को संरेखित किया। समाज के कमजोर वर्गों के बीच, उनकी जाति, पंथ, रंग की परवाह किए बिना उनको सामाजिक और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के प्रयास के साथ ग्रुप की फिलोसोफी है ‘अच्छाई के साथ विकास’, जिससे लोगों के जीवन में एक सकारात्मक परिवर्तन आए।

वंचित वर्ग के लोगों के लिए फाउंडेशन ने अथक प्रयास किए हैं। चार विशेष व्यापारों में हर तीन महीने पर महिलाओं का कौशल विकास अर्थात्, सिलाई, जूते बनाना, स्वेटर बनाना, धूप और धूपबत्ती बनाने के अदाणी स्किल की विशेष टीम द्वारा 3 महीने के लिए संबंधित व्यापार मे महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा जो महिलाओं को स्वावलंबी तो बना ही रहा, नारी सशक्तीकरण को भी बढ़ावा दे रहा है।

ट्रेनिंग हब में कई प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं जिनमें संवेदीकरण सहित, लामबंदी, और नामांकन प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल महिलाओं का उनकी क्षमता और डोमेन व्यापार में उनके कौशल का विकास किया जा रहा है।

अदाणी कौशल विकास केंद्र (सक्षम) अदाणी फाउंडेशन की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो सतत आजीविका के घटक सहयोग के तहत चलता हैं। अदाणी फाउंडेशन और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम विशेषाधिकार प्राप्त, हाशिए पर, कमजोर सदस्य समाज को पुनर्जीवित करने और उनकी आजीविका को बदलने के लिए एक मंच प्रदान करता है। यह 19 शहरों के 30 केंद्रों में काम कर रहा है जिसने देश में 55 से अधिक व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किए हैं जिसने सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों मे 90,000 से अधिक लोगों को लाभान्वित किया है।

–आईएएनएस

एसकेपी/

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