गुजरात में 3 वर्षों में लगभग 400 शेरों की हुई मौत, कुछ मौतों के अप्राकृतिक कारण थे


नई दिल्ली, 7 दिसंबर (आईएएनएस)। संसद में गुरुवार को बताया गया कि गुजरात में 2019 और 2021 के बीच 182 शावकों सहित कुल 397 शेरों की मौत हो गई, जिनमें से लगभग 10 प्रतिशत अप्राकृतिक कारणों का शिकार हुए हैं।

पर्यावरण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने एक प्रश्‍न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी दी।

वर्ष-वार विश्‍लेषण के अनुसार, 2019 में 66 वयस्क शेरों और 60 शावकों की मृत्यु हुई, 2020 में 73 वयस्क शेरों और 76 शावकों की मृत्यु हुई, और 2021 में 76 वयस्क शेरों और 46 शावकों की मृत्यु हुई। इनमें से लगभग 10.53 प्रतिशत मौतें हुईं, जिनमें 3.82 प्रतिशत शावकों की अप्राकृतिक मौतें शामिल हैं।

इन चिंताजनक आंकड़ों के जवाब में चौबे ने गुजरात में शेर संरक्षण के लिए केंद्र सरकार के समर्थन पर जोर दिया।

राज्य को वन्यजीव आवासों के एकीकृत विकास की केंद्र प्रायोजित योजना के तहत वित्त पोषण सहायता प्राप्त होती है, जो एशियाई शेरों के संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण के बारे में सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने और आवासों के प्रबंधन सहित विभिन्न पहलों पर केंद्रित है।

इसके अतिरिक्त, मंत्री ने गुजरात से मध्य प्रदेश में शेरों के स्थानांतरण के संबंध में चल रहे कानूनी विचार-विमर्श पर प्रकाश डाला। यह मामला वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय के दायरे में है। स्थानांतरण के निर्णय को एशियाई शेरों के अस्तित्व और आनुवंशिक विविधता को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जाता है।

–आईएएनएस

एसजीके


Show More
Back to top button