'छात्रों की गूंज' से खुली कांग्रेस की पोल, तीन महीने की तैयारी में भी जुटे पांच हजार लोग : ओपी राजभर

अंबेडकर नगर, 8 अगस्त (आईएएनएस)। प्रयागराज में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘छात्रों की गूंज’ कार्ययक्रम को लेकर योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने शनिवार को तीखी प्रतिक्रिया दी। राजभर ने रैली की तैयारियों, भीड़ और कांग्रेस के राजनीतिक प्रभाव पर सवाल उठाते हुए कहा कि तीन महीने की तैयारी और 23 जिलों से लोगों को जुटाने के प्रयास के बावजूद कार्यक्रम में अपेक्षाकृत कम भीड़ पहुंची। उन्होंने इसे कांग्रेस के लिए उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक स्थिति का आकलन करने का अवसर बताया।
आईएएनएस से बातचीत में ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि राहुल गांधी की प्रयागराज में हुई रैली की तैयारी करीब तीन महीने से चल रही थी। 23 जिलों से लोगों को बुलाने की तैयारी की गई थी और करीब तीन लाख लोगों के रजिस्ट्रेशन की बात कही जा रही थी। पंडाल, होर्डिंग और पोस्टर समेत आयोजन की तैयारियों पर लाखों रुपए खर्च किए गए, लेकिन मौके पर करीब पांच हजार लोगों की भीड़ ही दिखाई दी। राहुल गांधी को इससे उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की वास्तविक राजनीतिक स्थिति का अंदाजा लगा लेना चाहिए।
राजभर ने कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि किसी भी मुद्दे पर बयान देने से पहले कांग्रेस नेताओं को उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं और मौजूदा व्यवस्था की जानकारी लेनी चाहिए। कांग्रेस नेता को अपनी पार्टी के नेताओं से जानकारी लेनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत युवाओं को बिना गारंटी और बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के तहत पांच लाख युवाओं को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है और दो लाख से अधिक युवा इसका लाभ उठा चुके हैं।
छात्रों से जुड़े मुद्दों और पेपर लीक के आरोपों को लेकर भी राजभर ने राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने सपा की पिछली सरकार का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस दौर में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर बिकने और नकल कराने की शिकायतें आम थीं। उस समय कुछ अभ्यर्थी परीक्षा के पेपर लेकर खेतों में बैठकर उत्तर लिखते थे, जबकि कुछ लोग पेपर घर ले जाकर हल करने के बाद सुबह जमा करते थे। दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश आते थे और नकल के लिए पैसे लिए जाने की बातें सामने आती थीं।
उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी कि पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने से पहले उन्हें अपने सहयोगी दलों के शासनकाल की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए राजभर ने दावा किया कि मौजूदा सरकार में नौ लाख से ज्यादा सरकारी नौकरियां दी गई हैं और इन नियुक्तियों में पैसे के लेन-देन की कोई गुंजाइश नहीं रखी गई। पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी और कांग्रेस सरकारों के समय सरकारी नौकरियों में पैसे के प्रभाव की शिकायतें होती थीं। योग्य उम्मीदवारों के बजाय पैसे के बल पर अयोग्य लोगों को आगे बढ़ाने का खेल चलता था।
राजभर ने कांग्रेस संगठन और उत्तर प्रदेश में उसके राजनीतिक प्रभाव को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी पहले बड़ी संख्या में सीटें जीतने का दावा करते थे, लेकिन प्रयागराज में राहुल गांधी की रैली में दिखाई देने वाली भीड़ से पार्टी की जमीनी स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह प्रयागराज में कांग्रेस का प्रदर्शन रहा, उसके बाद अब स्थिति ऐसी हो सकती है कि पार्टी को यह भी विचार करना पड़े कि सहयोगी दलों को 20-20 सीटें दी जाएं या नहीं।
–आईएएनएस
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