राहुल गांधी को भाजपा का जवाब, मासूम बच्चों के कंधों पर बंदूक रखकर राजनीति न चमकाए कांग्रेस

नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने पार्टी मुख्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी पर छात्र आंदोलन को लेकर झूठा नैरेटिव गढ़ने का आरोप लगाया।
भाजपा की प्रतिक्रिया राहुल गांधी की उस मीडिया वार्ता के तुरंत बाद आई, जिसमें उन्होंने जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल कुछ छात्रों के साथ संसद मार्च में प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाए जाने का दावा किया था। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उनको बेबुनियाद और झूठा करार दिया।
उन्होंने कहा कि अभी कुछ समय पहले राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उनके साथ कुछ बच्चे भी थे, जिन्होंने दिल्ली प्रोटेस्ट में भाग लिया, लेकिन बच्चे तो बच्चे होते हैं, मासूम होते हैं…और ये बच्चे पूरे देश के बच्चे हैं।
उन्होंने कहा कि इससे पहले भी इस मंच पर संसद के अंदर और संसद के बाहर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा था कि 20 जुलाई को दिल्ली में ‘संसद चलो’ प्रदर्शन के दौरान कोई फायरिंग नहीं हुई थी। उस समय भी हमने कहा था और आज भी हम कर रहे हैं, क्योंकि यह बहुत संवेदनशील विषय है, कहीं भटकाव न हो और कहीं लोगों को इसमें कुछ सच न लगे, इसलिए बहुत ठहराव और पूरी जिम्मेदारी के साथ मैं यह कहना चाहता हूं कि 20 जुलाई को दिल्ली में ‘संसद चलो’ आंदोलन के दौरान कोई गोली नहीं चली।
उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह एक गलत परंपरा है। कभी भी राजनीति में मासूम बच्चों के कंधों पर बंदूक रखकर सियासत करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं। बच्चों का कोई दोष नहीं है। हमने भी स्कूल-कॉलेज के दौरान आंदोलनों में भाग लिया। जो बच्चे आज राहुल गांधी के साथ थे, मैं उनको कहना चाहता हूं कि बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आप हमारे बच्चे हैं, हम सब आपके साथ खड़े हैं…प्रधानमंत्री भी आपके साथ हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि हम विपक्ष और राहुल गांधी के झूठे प्रोपेगंडा को उजागर करना चाहते हैं। देश के सब बच्चे हमारे बच्चे हैं, इसलिए जीवन में कभी आंदोलनों से घबराना नहीं चाहिए, लेकिन झारखंड के बच्चे भी तो बच्चे ही हैं। झारखंड के बच्चों से भी तो राहुल गांधी का सामना होना चाहिए, ताकि नेता विपक्ष उनके भी दर्द को जानें।
एक समाचार पत्र में छपे आर्टिकल का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि कैसे झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी पेपर धांधली ने एक गोल्ड मेडलिस्ट छात्रा को मानसिक रोगी बना दिया है, लेकिन राहुल गांधी झारखंड क्यों नहीं जा रहे हैं? शायद इसलिए क्योंकि झारखंड में इंडी गठबंधन की सरकार है।
–आईएएनएस
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