महाराष्ट्र: उजनी बांध से पानी छोड़ने की मात्रा में कमी, भीमा नदी में डिस्चार्ज घटाकर किया गया 1 लाख क्यूसेक


पुणे, 5 अगस्त (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित उजनी बांध में पानी की आवक कम होने के कारण भीमा नदी में छोड़े जा रहे पानी के डिस्चार्ज में कमी की गई है। उजनी बांध प्रबंधन विभाग के अनुसार, बुधवार (5 अगस्त 2026) सुबह 7 बजे से बांध के स्पिलवे से 1,00,000 क्यूसेक पानी भीमा नदी में छोड़ा जा रहा है। इससे पहले नदी में इससे अधिक मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा था, लेकिन जलप्रवाह घटने के कारण डिस्चार्ज कम करने का निर्णय लिया गया है।

विभाग ने बताया कि अगर आगामी दिनों में उजनी बांध में पानी की आवक और कम होती है, तो भीमा नदी में छोड़े जाने वाले पानी के डिस्चार्ज में आगे भी कमी की जा सकती है।

मंगलवार शाम को उजनी बांध से पानी छोड़ने की मात्रा बढ़ाने पंढरपुर, मालशिरस और मंगलवेढा तालुका में भीमा नदी के किनारे रहने वाले किसानों के लिए बाढ़ का खतरा बना गया। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले नागरिकों और किसानों से नदी के जलस्तर को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है।

इससे पहले, मानसून की लगातार बारिश के कारण पुणे को पानी सप्लाई करने वाले तीन बड़े डैम (खड़कवासला, पानशेत और वरसगांव) अपनी पूरी क्षमता (100 प्रतिशत) तक भर गए। इसके चलते पानी को नियंत्रित तरीके से छोड़ा जा रहा है।

इस इलाके को पानी सप्लाई करने वाले दूसरे अहम डैम भी अपनी अधिकतम क्षमता के करीब पहुंच रहे हैं। पानी के लेवल को कंट्रोल करने के लिए पवना बांध से भी 5,720 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं, मुल्शी बांध से भी 6,200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। अधिकारियों ने मुथा नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सलाह दी कि वे नदी के तल से दूर रहें और पानी छोड़े जाने के दौरान सरकारी सलाहों का पालन करें।

3 अगस्त को जारी एक आधिकारिक सूचना के अनुसार, खड़कवासला डैम में पानी का लेवल तेजी से बढ़ने के कारण अधिकारियों को पानी छोड़ने की मात्रा 16,247 क्यूसेक बढ़ानी पड़ी, जिससे दोपहर 12 बजे तक कुल डिस्चार्ज 24,287 क्यूसेक हो गया। अधिकारियों ने सलाह दी कि बारिश की तेजी और पानी के बहाव के आधार पर पानी छोड़ने की दर में और बदलाव किया जा सकता है।

–आईएएनएस

डीसीएच/


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