ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: भारत ने 'बिम्सटेक' अध्यक्ष के रूप में बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान को भेजा निमंत्रण

नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। उन्हें यह निमंत्रण ‘बिम्सटेक’ (बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन) के मौजूदा अध्यक्ष के रूप में दिया गया है। ‘बिम्सटेक’ बंगाल की खाड़ी के आसपास और उससे जुड़े क्षेत्रों के सात सदस्य देशों का एक समूह है।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, यह दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। इसके पांच सदस्य दक्षिण एशिया से हैं: बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल और श्रीलंका। वहीं, दो सदस्य दक्षिण-पूर्व एशिया से हैं: म्यांमार और थाईलैंड।
‘बिम्सटेक’ क्षेत्र में करीब 1.7 अरब लोग रहते हैं, जो दुनिया की कुल आबादी का लगभग 22 प्रतिशत हैं। इस क्षेत्र की संयुक्त जीडीपी लगभग पांच ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है।
नई दिल्ली में आयोजित विदेश मंत्रालय की नियमित प्रेस ब्रीफिंग में मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद ही तारिक रहमान को भारत आने का औपचारिक निमंत्रण भेज दिया गया था।
जायसवाल ने कहा, “आप जानते हैं कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को फरवरी 2026 में पद संभालने के बाद भारत आने का औपचारिक निमंत्रण दिया गया था। जहां तक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का सवाल है, भारत ने उन्हें बिम्सटेक के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल होने के लिए अलग से आमंत्रित किया है। यह सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित होगा। यह निमंत्रण ब्रिक्स की आउटरीच बैठकों की सामान्य परंपरा के तहत दिया गया है। इसी तरह अन्य क्षेत्रीय संगठनों के प्रमुखों को भी आमंत्रित किया गया है।”
पिछले सप्ताह बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने भरोसा जताया था कि प्रधानमंत्री रहमान की भारत यात्रा के बाद दोनों देशों के रिश्ते और बेहतर तरीके से आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच मौजूद सभी मुद्दों का समाधान निकाला जा सकता है।
ढाका में विदेश मंत्रालय में बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान और विदेश राज्य मंत्री शमा ओबेद इस्लाम से अलग-अलग मुलाकातों के बाद त्रिवेदी ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने इन बैठकों को सकारात्मक बताया।
बांग्लादेशी समाचार एजेंसी यूएनबी के अनुसार, त्रिवेदी ने कहा, “मैं हर चीज को लेकर सकारात्मक हूं। हमारी बहुत अच्छी बैठक हुई और बातचीत बेहद सकारात्मक माहौल में हुई।”
जब उनसे प्रधानमंत्री रहमान को भारत आने के निमंत्रण के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इस पर अंतिम फैसला बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को करना है।
उन्होंने कहा, “हमारी तरफ से मैं यह भरोसा दिला सकता हूं कि हम बांग्लादेश के प्रधानमंत्री का भारत में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि यह यात्रा निकट भविष्य में होगी।”
इसी प्रेस ब्रीफिंग के दौरान गंगा जल संधि से जुड़े सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा भारत और बांग्लादेश के बीच पहले से मौजूद द्विपक्षीय तंत्रों के माध्यम से की जाएगी। इनमें संयुक्त नदी आयोग और अन्य तकनीकी स्तर के मंच शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “भारत और बांग्लादेश के बीच 54 साझा नदियां हैं। दोनों देशों के पास संयुक्त नदी आयोग जैसा द्विपक्षीय तंत्र है और कई तकनीकी स्तर की व्यवस्थाएं भी हैं, जो जल संबंधी मुद्दों पर बातचीत में मदद करती हैं। गंगा जल संधि से जुड़े किसी भी विषय पर भी इन्हीं द्विपक्षीय तंत्रों के तहत चर्चा की जाएगी।”
–आईएएनएस
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