जयपुर : विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज में करणी सेना सदस्य की मौत, पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग


जयपुर, 4 अगस्त (आईएएनएस)। श्री राजपूत करणी सेना ने मंगलवार को उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, जिन्होंने सोमवार को एक शांतिपूर्ण मार्च के दौरान संगठन के सदस्यों पर लाठीचार्ज किया था। संगठन का आरोप है कि नए यूजीसी नियमों के विरोध में जयपुर में आयोजित रैली के दौरान उनके सदस्य देवराज सिंह की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई।

श्री राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने बताया कि डीडवाना-कुचामन जिले के पलाडा गांव के रहने वाले देवराज सिंह भी उस प्रदर्शन में शामिल थे, जिसे श्री राजपूत करणी सेना, राष्ट्रीय हिंदू महासभा और सवर्ण समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले कई संगठनों का समर्थन प्राप्त था।

मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए मकराना ने चेतावनी दी कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो जयपुर बंद का आह्वान किया जाएगा।

यहां यह बताना जरूरी है कि सोमवार को रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। डीसीपी (पश्चिम) प्रशांत किरण के अनुसार, देवराज सिंह की मौत पुलिस लाठीचार्ज या वाटर कैनन के इस्तेमाल से नहीं हुई थी। विरोध प्रदर्शन के दौरान देवराज सिंह की हालत अचानक बिगड़ गई और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

मंगलवार सुबह जयपुर में देवराज सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान वे बीमार पड़ गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पुलिस ने शुरू में 200-फीट एक्सप्रेस फ्लाईओवर के नीचे बैरिकेड लगाकर प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और चौमू पुलिया, अंबाबाड़ी और पानीपेच चौराहों से होते हुए कलेक्ट्रेट सर्कल तक पहुंचे। इसके बाद वे भाजपा राज्य कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे, जिससे पुलिस के साथ कई बार टकराव हुआ।

जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे, तो पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और बाद में लाठीचार्ज किया।

कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हंगामे के दौरान देवराज सिंह घबरा गए, गिर पड़े और उन्हें गंभीर चोटें आईं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि उनकी मौत अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण हुई, न कि लाठीचार्ज या वाटर कैनन के इस्तेमाल से।

श्री राजपूत करणी सेना ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने महिलाओं और युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया।

–आईएएनएस

एससीएच/एबीएम


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