ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की कोशिश जारी, समझौते के मसौदे पर चल रही है बातचीत: माजिद अल अंसारी

दोहा, 4 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश अभी जारी है। दोनों देशों के बीच संभावित समझौते के मसौदे पर बातचीत चल रही है और क्षेत्रीय मध्यस्थ तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए काम कर रहे हैं। यह बात मंगलवार को कतर के प्रधानमंत्री के सलाहकार और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कही।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, माजिद अल अंसारी ने कहा कि हम पुष्टि कर सकते हैं कि सभी पक्षों के साथ प्रयास अभी भी जारी हैं। हम इस समय भी कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। बातचीत काफी सकारात्मक और आगे के चरण में पहुंच चुकी है।
उन्होंने कहा कि कतर और ओमान, वॉशिंगटन और तेहरान के बीच अप्रत्यक्ष संपर्क बनाए रखने के लिए आपस में करीबी तालमेल के साथ काम कर रहे हैं।
होर्मुज स्ट्रेट के बारे में पूछे जाने पर अल अंसारी ने कहा कि कतर की फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता तनाव को कम करना, जलमार्ग को फिर से खोलना और दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक बातचीत का रास्ता दोबारा शुरू करना है।
उन्होंने कहा कि हम इस समय अपने क्षेत्र में किसी बड़े तनाव या संघर्ष को नहीं देखना चाहते। उन्होंने जोर देकर कहा कि मध्यस्थ एक ऐसे अल्पकालिक कूटनीतिक समाधान पर काम कर रहे हैं, जिससे वार्ता फिर से शुरू हो सके।
अल अंसारी ने बताया कि फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच किसी सीधी बातचीत का कार्यक्रम तय नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मध्यस्थता की कोशिशों से जल्द ही बातचीत दोबारा शुरू हो सकती है।
उन्होंने कहा, “अभी हमारे पास सीधी वार्ता का कोई तय कार्यक्रम नहीं है। हमें उम्मीद है कि अगर बातचीत जल्द फिर शुरू होती है, तो हम एक बड़े समझौते की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।”
संभावित समझौते के बारे में पूछे जाने पर अल अंसारी ने कहा कि इसके लिए कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की जा सकती।
इससे पहले मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ बातचीत ‘इस समय भी जारी है’ और इसे ‘आखिरी मौका’ बताया।
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में सैन्य कर्मियों के जीवनसाथियों से जुड़े एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “हम बातचीत कर रहे हैं, और यह बातचीत ईरान के अनुरोध पर हो रही है। इसे सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और खास तौर पर कतर का समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा कुछ अन्य देश भी इसका समर्थन कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि सभी पक्ष किसी ऐसे समाधान की तलाश में हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव कम हो और आगे की कूटनीतिक प्रक्रिया के लिए रास्ता खुल सके।
–आईएएनएस
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