संयुक्त अभ्यास के दौरान यूएस ड्रोन सीमा क्षेत्र में घुसा, दक्षिण कोरिया ने खाली कराए कई इलाके


सोल, 30 जुलाई (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच कोरियाई प्रायद्वीप में संयुक्त सैन्य अभ्यास चल रहा है। गुरुवार को अमेरिकी मिलिट्री ड्रोन ने सीमा क्षेत्र को पार कर लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एहतियातन पास के इलाकों को खाली कराया गया और वहां के निवासियों को कहीं और शिफ्ट किया गया।

दोनों पक्षों के सैन्य अधिकारियों के अनुसार, उत्तर कोरिया की सीमा से सटे उत्तरी ग्योंगगी प्रांत में एक जनरल आउटपोस्ट के दक्षिण में यूएवी (मानव रहित हवाई वाहन) का पता चला था। बाद में इसकी पहचान यहां तैनात यूएस मरीन कॉर्प्स के एक मिलिट्री ड्रोन के रूप में की गई।

दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) के एक अधिकारी ने पत्रकारों को बताया, “आगे की जांच-पड़ताल के बाद, इस यूएवी की पहचान ट्रेनिंग में शामिल यूएस मिलिट्री ड्रोन के रूप में की गई।”

योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जेसीएस अधिकारी ने कहा कि इसके बाद तय प्रोटोकॉल के अनुसार ऑपरेशनल कदम उठाए गए।

यूएस फोर्सेज कोरिया (यूएसएफके) ने भी पुष्टि की कि यह उनका ही ड्रोन था और कहा कि वे स्थिति का आकलन करने के लिए दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

यूएसएफके ने दक्षिण कोरिया का आधिकारिक नाम लेते हुए कहा, “यह घटना यूएस मरीन और रिपब्लिक ऑफ कोरिया मरीन कॉर्प्स के फर्स्ट मरीन डिवीजन के बीच द्विपक्षीय प्रशिक्षण के दौरान हुई।”

उन्होंने आगे कहा, “यूएस मरीन कॉर्प्स के कर्मी घटना से जुड़ी परिस्थितियों का आकलन कर रहे हैं और रिपब्लिक ऑफ कोरिया मरीन कॉर्प्स के हमारे सहयोगियों और संबंधित स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क साधे हुए हैं।”

इससे पहले दिन में, सोल से लगभग 70 किलोमीटर उत्तर में, उत्तर-दक्षिण कोरियाई सीमा के साथ बफर जोन के पास चेओरवोन में एक अलर्ट जारी किया गया था, जिसमें इलाके के निवासियों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई थी क्योंकि ड्रोन की उड़ान का पता चला था।

दक्षिण कोरियाई सेना ने सबसे पहले अपने निगरानी उपकरणों के माध्यम से ड्रोन का पता लगाया, लेकिन जाहिर तौर पर वे तुरंत यह पता नहीं लगा पाए कि क्या ड्रोन उत्तर कोरिया से आया हो सकता है।

ड्रोन की उड़ान के तरीके को देखते हुए, हो सकता है कि इसकी नियोजित उड़ान की जानकारी क्षेत्र में दक्षिण कोरियाई सैन्य इकाइयों के साथ साझा न की गई हो, या ड्रोन अपने निर्धारित रास्ते से भटक गया हो।

जेसीएस अधिकारी ने और विवरण देने से इनकार कर दिया, जैसे कि क्या ड्रोन ने उत्तर कोरिया के साथ 2018 के अंतर-कोरियाई सैन्य समझौते (जो अब निलंबित है) के तहत बनाए गए नो-फ्लाई जोन के ऊपर उड़ान भरी थी।

यह नो-फ्लाई जोन पूर्व उदारवादी राष्ट्रपति मून जे-इन के प्रशासन के तहत स्थापित किया गया था ताकि प्योंगयांग के साथ तनावपूर्ण और भारी सुरक्षा वाली सीमा पर अनजाने में होने वाले सैन्य टकराव को रोका जा सके।

यह समझौता पूर्वी इलाकों में दोनों पड़ोसी देशों को अलग करने वाले ‘डीमिलिटराइज्ड जोन’ (सैन्य-मुक्त क्षेत्र) के 15 किलोमीटर और पश्चिमी इलाकों में 10 किलोमीटर के दायरे में विमानों और ड्रोन को उड़ाने पर रोक लगाता है। लेकिन दोनों कोरिया के बीच बिगड़ते रिश्तों के कारण इस समझौते को रोक दिया गया था।

सेना ने पहले कहा था कि वह अमेरिकी ड्रोन की उड़ान के बारे में और जानकारी जुटा रही है।

–आईएएनएस

केआर/


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