जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र सुधार में देरी से छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो : अमीन पटेल

मुंबई, 29 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) आयुक्त को पत्र लिखकर जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्रों में मामूली संशोधन की प्रक्रिया में हो रही देरी का मुद्दा उठाया है। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), सांसद कंगना रनौत के जेनजी पर दिए गए बयान, नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई की चार्जशीट, छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले समेत कई अहम मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
अमीन पटेल ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री और बीएमसी आयुक्त के समक्ष दो प्रमुख मुद्दे रखे हैं। पहला मुद्दा जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्रों में मामूली सुधार से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि नाम या स्पेलिंग जैसी छोटी-छोटी त्रुटियों को ठीक कराने में कई महीने लग रहे हैं, जिससे स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने वाले छात्रों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में पहले बीएमसी अधिकारियों के साथ बैठक की, लेकिन समाधान में समय लग रहा है। इसलिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सुझाव दिया गया है कि जिन अभिभावकों ने प्रमाणपत्र में सुधार के लिए आवेदन कर दिया है, उनसे शपथपत्र लेकर बच्चों का दाखिला तत्काल कराया जाए। बाद में जब बीएमसी संशोधित प्रमाणपत्र जारी कर दे, तब उसे संबंधित शिक्षण संस्थान में जमा कराया जा सकता है। बच्चों को केवल प्रमाणपत्र में सुधार लंबित होने के कारण शिक्षा से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। यह सरकार और मुंबई महानगरपालिका दोनों की जिम्मेदारी है कि इस समस्या का शीघ्र समाधान निकाला जाए।
अमीन पटेल ने एसआईआर को लेकर उठे सवालों पर कहा कि मुंबई और महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में इमारतें पुनर्विकास के तहत हैं। इन इमारतों के निवासी अस्थायी रूप से दूसरी जगह रह रहे हैं, लेकिन बीएलओ उनके फॉर्म स्वीकार नहीं कर रहे क्योंकि उन्हें इस संबंध में कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं। इस मुद्दे पर उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, नगर आयुक्त और जिला कलेक्टर सहित संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा है और बैठकें भी की हैं, जिन लोगों के नाम 2002 और 2024 की मतदाता सूची में दर्ज हैं, उन्हें भी एसआईआर में शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि एसआईआर की अंतिम तिथि 8 अगस्त के बजाय 30 अगस्त तक बढ़ाई जाए। लगातार बारिश, शहर में आई बाधाओं, युवाओं के आंदोलनों और वारकरी समाज की यात्रा को देखते हुए लोगों को पर्याप्त समय मिलना चाहिए।
भाजपा सांसद कंगना रनौत के जेनजी को लेकर दिए गए बयान पर अमीन पटेल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसा बयान देने वाले व्यक्ति की मानसिक स्थिति की जांच होनी चाहिए और उनकी पार्टी को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। देश का युवा पहले ही पेपर लीक जैसी घटनाओं से परेशान है और भविष्य को लेकर असुरक्षा महसूस कर रहा है। ऐसे समय में युवाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
पेपर लीक मामले में सीबीआई की ओर से चार्जशीट दाखिल किए जाने पर अमीन पटेल ने कहा कि पिछले वर्षों में हुई पेपर लीक घटनाओं में अब तक दोषियों को प्रभावी सजा नहीं मिल सकी है। कई मामलों में गिरफ्तारियां देर से हुईं और गिरफ्तार आरोपियों को बाद में जमानत भी मिल गई। सरकार नए कानून और नई घोषणाएं कर रही है, लेकिन पिछले वर्षों का रिकॉर्ड बताता है कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने में सरकार सफल नहीं रही है।
उन्होंने कहा कि देशभर में छात्र आंदोलनों से जुड़े सभी मुकदमे वापस लिए जाने चाहिए। जिन राज्यों में छात्रों पर कार्रवाई हुई है, वहां की सरकारों को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें न्याय मिले। यदि सरकार के पास किसी भी प्रकार की राष्ट्रविरोधी गतिविधि के ठोस प्रमाण हैं तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
–आईएएनएस
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