पवन कल्याण ने कुम्की कैंप का किया उद्घाटन, इंसान और हाथी के बीच टकराव को कम करना उद्देश्य


अमरावती, 29 जुलाई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और पर्यावरण एवं वन मंत्री पवन कल्याण ने बुधवार को पार्वतीपुरम-मान्यम जिले में ‘कुम्की’ हाथी कैंप का उद्घाटन किया। उन्होंने इसे उत्तरी आंध्र में इंसानों और हाथियों के बीच टकराव को कम करने की दिशा में एक नया अध्याय बताया।

इस कैंप का मकसद जंगली हाथियों की आवाजाही को सही ढंग से मैनेज करना, इंसानों की जान और किसानों की फसलों की सुरक्षा करना और लंबे समय से चले आ रहे इंसान-हाथी टकराव को सुलझाना है।

उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी लोगों की सुरक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण दोनों की है।

पार्वतीपुरम-मान्यम जिले के सीतानगरम मंडल के गुचिमी में बनाए गए इस कैंप का वर्चुअल उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि टिकाऊ तरक्की तभी मुमकिन है जब विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन हो।

उन्होंने कहा, “प्रकृति हमारी नहीं है; हम प्रकृति का हिस्सा हैं, इसलिए हमें इसके साथ मिल-जुलकर रहना चाहिए।”

इस कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री और कृषि मंत्री के. अच्चन्नायडू और आदिवासी कल्याण मंत्री गुम्माडी संध्या रानी शामिल हुए।

पवन कल्याण ने कहा कि पार्वतीपुरम-मान्यम जिले में हाथियों का जंगल से निकलकर गांवों में आना, किसानों की फसलें बर्बाद करना और लोगों का रात में डर के साये में जीना जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं।

उन्होंने कहा, “इसे सरकार की जिम्मेदारी मानते हुए हमने गुचिमी एलिफेंट होल्डिंग एरिया बनाया है। यह केंद्र उत्तरी आंध्र में इंसान-हाथी टकराव को कम करने की दिशा में एक नए अध्याय की शुरुआत है।”

डिप्टी सीएम ने बताया कि चित्तूर जिले के पलमनेर इलाके में मुश्किल ऑपरेशंस के दौरान, कुम्की हाथियों, जयंत और अभिमन्यु, ने वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर बहुत अच्छा काम किया। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके वे इंसान-हाथी टकराव से होने वाली मौतों को 70 प्रतिशत से ज्यादा कम करने और फसलों के नुकसान को काफी हद तक कम करने में कामयाब रहे।

उन्होंने कहा कि सरकार पार्वतीपुरम-मान्यम जिले में भी वैसी ही कामयाबी हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “मैं इस हाथी कैंप को आंध्र प्रदेश के लोगों को समर्पित करता हूं। उम्मीद है कि यह इंसानों और हाथियों के बीच मिल-जुलकर रहने के लिए एक मंच का काम करेगा।”

उन्होंने आंध्र प्रदेश को चार कुम्की हाथी भेजने के लिए कर्नाटक सरकार और वहां के लोगों का शुक्रिया अदा किया और इसे उनकी उदारता और दोस्ती की भावना का सबूत बताया।

उन्होंने कहा, “वहां के लोग हाथियों को तोहफे में देना धन साझा करने जैसा मानते हैं। हम तेलुगु लोगों की सुरक्षा की चिंता और प्यार के कारण इन हाथियों को भेजने के लिए कर्नाटक सरकार और वहां के लोगों का दिल से आभार व्यक्त करते हैं।”

–आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी


Show More
Back to top button