चोट की वजह से हाई जंप से बाहर होने के बाद, तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन पर लगाया ध्यान


नई दिल्ली, 28 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय एथलेटिक्स के स्टार खिलाड़ी तेजस्विन शंकर का हाई जंप अभियान चोट के कारण समाप्त हो गया। प्रतियोगिता के दौरान घुटने में तेज दर्द महसूस होने के बाद, उन्होंने सिर्फ एक प्रयास के बाद ही मुकाबले से हटने का फैसला किया। बर्मिंघम 2022 राष्ट्रमंडल खेलों के कांस्य पदक विजेता तेजस्विन ने यह कठिन निर्णय इसलिए लिया ताकि गुरुवार से शुरू होने वाले डेकाथलॉन इवेंट के लिए खुद को पूरी तरह तैयार कर सकें।

तेजस्विन शंकर ने आईएएनएस को बताया, “यह चोट ऐसे समय पर आई, जब मुझे अपने प्रदर्शन पर पूरा भरोसा था और एक और बड़ा पदक जीतने के इरादे से मैं मैदान में उतरा था। लेकिन, मैंने 2.05 मीटर की अपनी पहली कोशिश में ही घुटने में दर्द महसूस किया। इसके बाद दूसरी छलांग लगाने का जोखिम नहीं उठाया। यह कोई नई चोट नहीं है, बल्कि घुटने में लंबे समय से टेंडोनाइटिस की समस्या रही है। यह दर्द आमतौर पर नियंत्रित रहता है, लेकिन इस बार वार्म-अप के दौरान ही अचानक तेज हो गया।”

उन्होंने कहा कि वार्म-अप की दूसरी कोशिश में ही उन्हें महसूस हो गया था कि घुटना पूरी तरह साथ नहीं दे रहा। इसके बावजूद उन्होंने सकारात्मक सोच के साथ पहली जंप लगाने का प्रयास किया। तेजस्विन का मानना था कि ठंड और बारिश जैसे चुनौतीपूर्ण हालात उनके लिए हमेशा अनुकूल रहे हैं और वह ऐसे माहौल में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। लेकिन इस बार शरीर ने उनका साथ नहीं दिया और उन्हें प्रतियोगिता से हटना पड़ा।

तेजस्विन ने बताया कि उन्होंने अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया। उनके अनुसार, डेकाथलॉन शुरू होने में अभी दो दिन का समय था, इसलिए हाई जंप में आगे जोखिम उठाना उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि इन दो दिनों में वह पूरी तरह रिकवरी पर ध्यान देंगे और हर संभव प्रयास करेंगे ताकि डेकाथलॉन में शानदार प्रदर्शन कर सकें।

इस बीच भारत के एक अन्य हाई जम्पर सर्वेश कुशारे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2.25 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक अपने नाम किया। पिछले महीने उन्होंने भुवनेश्वर में आयोजित राष्ट्रीय अंतर-राज्य सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 2.31 मीटर की छलांग लगाकर तेजस्विन शंकर का आठ वर्ष पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ा था। हालांकि इस प्रतियोगिता में 2.28 मीटर की तीन असफल कोशिशों के कारण वह स्वर्ण पदक से चूक गए।

खास बात यह रही कि खुद चोटिल होने के बावजूद तेजस्विन पूरे समय मैदान पर मौजूद रहे और सर्वेश का हौसला बढ़ाते रहे। उन्होंने सर्वेश की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में जिस तरह उन्होंने प्रदर्शन किया, वह भारतीय एथलेटिक्स के लिए गर्व की बात है। तेजस्विन ने कहा कि भारत का ट्रैक एवं फील्ड में पहला पदक जीतना बड़ी उपलब्धि है और पूरे देश को इस सफलता का जश्न मनाना चाहिए।

तेजस्विन शंकर डेकाथलॉन के राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी हैं। वह इस कठिन स्पर्धा में एशियाई खेलों का रजत पदक जीत चुके हैं और एशियाई चैंपियनशिप में भी दो पदक अपने नाम कर चुके हैं। इसके अलावा वह डेकाथलॉन में 8000 अंकों का आंकड़ा पार करने वाले पहले भारतीय एथलीट हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वह चोट से उबरकर डेकाथलॉन में कैसा प्रदर्शन करते हैं और क्या एक बार फिर भारत के लिए पदक जीतने में सफल हो पाते हैं।

–आईएएनएस

पीएके


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