छात्रों के मुद्दों को लेकर सियासत तेज, विपक्ष की केंद्र से त्वरित कार्रवाई की मांग


नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। सोनम वांगचुक के अनशन और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। कई सांसदों ने अस्पताल पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की और उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की। वहीं, नीट यूजी में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “उन्होंने विवेक तन्खा, सागरिका घोष और अन्य सांसदों के साथ अस्पताल में सोनम वांगचुक से मुलाकात की। कई सांसदों के हस्ताक्षर वाला पत्र भी सोनम वांगचुक को सौंपा गया, जिसमें उनसे अनशन खत्म करने का आग्रह किया गया है। सोनम वांगचुक की जिंदगी देश के लिए महत्वपूर्ण है और उनकी सेहत को देखते हुए सांसदों ने यह अपील की है।”

एमडीएमके के प्रिंसिपल सेक्रेटरी और सांसद दुरई वाइको ने छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा, “सोनम वांगचुक इस आंदोलन का प्रमुख चेहरा हैं। सीजेपी और उसके नेता अभिजीत दिपके भी प्रदर्शन के प्रमुख आयोजकों में शामिल हैं। आंदोलन की मुख्य मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, सोनम वांगचुक के शांतिपूर्ण विरोध करने के संवैधानिक अधिकार की सुरक्षा और छात्रों की समस्याओं पर सरकार की ओर से कार्रवाई शामिल है।”

पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भी छात्रों के मुद्दों का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “किसी भी बेहतर व्यवस्था के लिए ऐसे लोगों की जरूरत होती है, जो मूल्यों और न्याय के लिए आवाज उठाएं। जब लाखों छात्र परीक्षा देते हैं और उपलब्ध सीटों की संख्या सीमित होती है, तो सरकार को अपनी नीतियों पर विचार करना चाहिए।”

वहीं, कर्नाटक के चिकबल्लापुर में नीट-यूजी के पेपर लीक मामले पर मंत्री एचके. पाटिल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “पेपर लीक की वजह से ही छात्रों में असंतोष पैदा हुआ है। छात्रों की चिंताओं को समझने और समाधान निकालने के बजाय सरकार ने इस मुद्दे को अलग तरीके से पेश किया।”

पाटिल ने कहा, “कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी ने छात्रों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया है। केंद्र सरकार छात्रों की समस्याओं पर तत्काल ध्यान दे और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करे।”

–आईएएनएस

एससीएच/एबीएम


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