अमेरिका को ईरान की वैज्ञानिक तरक्की और तकनीकी विकास से है दुश्मनी: बाघेई


नई द‍िल्‍ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। उन्होंने आईएईए की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्‍होंने कहा क‍ि ईरान अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्ट कर ल‍िखा, ”अमेरिका की ओर से ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु ठिकानों पर बार-बार किए गए हमले और धमकियां न सिर्फ संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून और आईएईए के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, जनरल कॉन्फ्रेंस और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों का खुला उल्लंघन हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि अमेरिका को ईरान की वैज्ञानिक तरक्की और तकनीकी विकास से गहरी दुश्मनी है।”

बाघेई ने कहा क‍ि ईरान की सभी परमाणु गतिविधियों की जानकारी, सुरक्षा निगरानी (सेफगार्ड्स) से जुड़ी अपनी जिम्मेदारियों के तहत, पूरी तरह आईएईए को दी है।

उन्‍होंने क‍हा क‍ि कोलंग कूह पर कोई परमाणु गतिविधि नहीं हो रही है। इसके बाद भी वॉशिंगटन का कोलंग कूह पर बार-बार फोकस सिर्फ हमले, तबाही और तोड़फोड़ को सही ठहराने के लिए बनाया गया एक बहाना है।

बाघेई ने कहा क‍ि तल्‍ख लहजे में सवाल क‍िया, वैसे, आईएईए के महानिदेशक कहां हैं, जो संयुक्त राष्ट्र के महासचिव पद के उम्मीदवार भी हैं?

उन्होंने स्‍पष्‍ट क‍िया क‍ि ईरान की जनता पूरी एकजुटता और दृढ़ता के साथ खड़ी है और अमेरिका की किसी भी दुश्मनी या अपने देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ होने वाली किसी भी कार्रवाई का पूरी ताकत से सामना करने के लिए तैयार है।

वहीं, अमेरिकी सेना ने मंगलवार (अमेरिकी समय) शाम 8:15 बजे ईरान पर लगातार 11वीं रात सैन्य हमले किए।

सेंटकॉम के मुताबिक, इन हमलों में ईरान के सैन्य ऑपरेशन सेंटर, समुद्री सैन्य क्षमताओं से जुड़े ठिकाने, सैन्य विमानों के हैंगर, ड्रोन स्टोरेज सुविधाओं और मिलिट्री लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का मकसद ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना है, जिससे वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर सके।

सेंटकॉम ने दावा किया कि पिछले तीन महीनों में ईरान ने इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से गुजर रहे 30 से अधिक व्यावसायिक जहाजों पर हमले किए हैं। अमेरिका के अनुसार, इन हमलों से सैकड़ों नाविकों की जान खतरे में पड़ी और समुद्र में स्वतंत्र आवाजाही भी प्रभावित हुई।

–आईएएनएस

एवाई/डीकेपी


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