सऊदी जेल में तीन महीने बंद रहा कश्मीरी युवक लौटा स्वदेश, छात्र संगठन ने विदेश मंत्री का जताया आभार


कश्मीर/ नई दिल्ली, 20 जुलाई (आईएएनएस)। सऊदी अरब की जेल में तीन महीने से बंद बारामूला निवासी अमजद अली की रिहाई और सकुशल वतन वापसी पर जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (जेकेएसए) ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को खत लिखकर आभार जताया है।

एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुहामी ने खत में अमजद की कहानी बयां की है। उनके अनुसार, अमजद अली सऊदी अरब के दम्माम में स्वास्थ्यकर्मी के रूप में कार्यरत थे। मार्च 2026 में उन्हें कथित तौर पर सऊदी सिविल डिफेंस अधिकारियों ने उनके दफ्तर से पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। बताया था कि पूछताछ में केवल कुछ घंटे लगेंगे।

खुहामी के अनुसार, पुलिस स्टेशन पहुंचने पर अमजद का पासपोर्ट और पहचान पत्र जब्त कर लिया गया। उनसे एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराए गए और फिर 5 मार्च को ईरानी नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर फेसबुक पर साझा किए गए एक शोक संदेश को लेकर पूछताछ की गई। अमजद का कहना था कि वह केवल संवेदना व्यक्त करने वाली पोस्ट थी और उसका कोई अन्य उद्देश्य नहीं था।

इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया, जहां वे करीब तीन महीने तक रहे। इस दौरान उन्हें औपचारिक रूप से यह भी नहीं बताया गया कि उन पर क्या आरोप हैं। लंबे समय तक कोई स्पष्ट जानकारी न मिलने से उनका परिवार गहरी चिंता और मानसिक तनाव में रहा।

मामले की जानकारी मिलने के बाद जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखकर तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की। एसोसिएशन ने विदेश मंत्रालय से सऊदी अधिकारियों के साथ बातचीत करने, रियाद स्थित भारतीय दूतावास के माध्यम से अमजद तक कांसुलर पहुंच सुनिश्चित करने, कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और यदि कोई गंभीर आरोप सिद्ध न हो तो उनकी शीघ्र रिहाई के प्रयास करने का अनुरोध किया।

एसोसिएशन ने मंत्रालय को यह भी बताया था कि अमजद का किसी भी गैरकानूनी या चरमपंथी गतिविधि से कोई संबंध नहीं है और वे केवल रोजगार के उद्देश्य से सऊदी अरब गए थे।

खुहामी ने बताया कि विदेश मंत्रालय के लगातार कूटनीतिक प्रयासों के बाद अमजद अली को 25 जून को रिहा कर दिया गया। इसके बाद सऊदी अधिकारियों ने उनकी भारत वापसी की व्यवस्था की। अब वह सुरक्षित रूप से अपने घर बारामूला पहुंच चुके हैं और लगभग तीन महीने बाद अपने परिवार से मिल सके हैं।

एसोसिएशन ने कहा कि विदेश मंत्री जयशंकर के त्वरित हस्तक्षेप और मानवीय दृष्टिकोण के कारण यह संभव हो सका। संगठन ने विदेश मंत्रालय की उस प्रतिबद्धता की भी सराहना की, जिसके तहत विदेशों में संकट में फंसे भारतीय नागरिकों को समय पर कांसुलर और कूटनीतिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

जेकेएसए ने यह भी कहा कि मीडिया के एक वर्ग ने इस मामले को प्रमुखता से उठाकर परिवार की चिंता को सार्वजनिक मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

–आईएएनएस

केआर/


Show More
Back to top button