ड्रग तस्करी पर शिकंजा कसने की तैयारी, एनसीबी ने कर्नाटक में एजेंसियों के साथ बनाई संयुक्त रणनीति

बेंगलुरु, 19 जुलाई (आईएएनएस)। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के अधिकारियों ने कर्नाटक में आयोजित राज्यस्तरीय संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) की तिमाही बैठक में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बढ़ाने और कार्रवाई को मजबूत करने की रणनीतियों पर चर्चा की।
अधिकारी के बयान के अनुसार, यह बैठक नशीले पदार्थों से जुड़े नए खतरों से निपटने और ऐसे अपराधों के खिलाफ व्यापक रणनीति लागू करने के लिए बुलाई गई थी।
एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र) की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में डीआरआई, कस्टम्स, ईडी, आईबी, एनआईए, आयकर विभाग, आरपीएफ, सीडीएससीओ, राज्य एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ), ड्रग कंट्रोल विभाग और कर्नाटक राज्य आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का उद्देश्य राज्य में ड्रग तस्करी के खिलाफ संस्थागत सहयोग को और मजबूत करना था।
बैठक में राष्ट्रीय नारकोटिक्स नियंत्रण रोडमैप को एक साझा दृष्टिकोण के साथ लागू करने, ड्रग तस्करी के नए तरीकों, पीआईटी-एनडीपीएस कानून के तहत निवारक हिरासत, वित्तीय जांच, नशीले पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की निगरानी, फरार आरोपियों की पहचान और खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
बयान में कहा गया कि नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को दोहराते हुए सभी एजेंसियों ने आपसी समन्वय बढ़ाने और ड्रग तस्करी के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
बेंगलुरु में हुई यह बैठक उसी समय जयपुर में आयोजित राजस्थान की राज्यस्तरीय संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) की तिमाही बैठक के साथ हुई।
जयपुर में हुई बैठक की संयुक्त अध्यक्षता एनसीबी के पश्चिमी क्षेत्र के डिप्टी डायरेक्टर जनरल और राजस्थान एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के इंस्पेक्टर जनरल ने की।
इस बैठक में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई), केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी), इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी), आयकर विभाग, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, ड्रग कंट्रोलर कार्यालय और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
अधिकारियों ने बैठक में नारकोटिक्स नियंत्रण विजन दस्तावेज के क्रियान्वयन की समीक्षा की और राजस्थान में ड्रग तस्करी के नए रुझानों पर चर्चा की।
बैठक में अधिकारियों ने एनडीपीएस कानून के तहत दर्ज 50 चिन्हित मामलों की निगरानी कर उनका जल्द निपटारा सुनिश्चित करने, पीआईटी-एनडीपीएस कानून के तहत लंबित प्रस्तावों में तेजी लाने, वित्तीय जांच को मजबूत करने और विभिन्न एजेंसियों के बेहतर समन्वय के जरिए संगठित ड्रग तस्करी नेटवर्क को खत्म करने पर भी विचार-विमर्श किया।
–आईएएनएस
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