'फ्रेजाइल एक्स सिंड्रोम' पर बोमन ईरानी ने कहा, 'जब तक बात नहीं होगी, ऑटिज्म के प्रति जागरूकता अधूरी है'


मुंबई, 17 जुलाई (आईएएनएस)। अभिनेता बोमन ईरानी कुछ ही मुद्दे पर आवाज उठाते हैं, लेकिन उसके पीछे की वजह मजबूत होती है। शुक्रवार को उन्होंने एक गंभीर मुद्दे पर बात रखी। अभिनेता ने सोशल मीडिया के जरिए ‘फ्रेजाइल सिंड्रोम’ के प्रति लोगों को जागरूक करने और समाज में इसके बारे में खुलकर बात करने के लिए सिनेमा की ताकत पर जोर दिया।

अभिनेता का मानना है कि फिल्मों के जरिए ऐसे जटिल मुद्दों को लोगों तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है।

‘वर्ल्ड फ्रेजाइल एक्स अवेयरनेस डे’ से पहले अभिनेता ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने ‘फ्रेजाइल सिंड्रोम’ से प्रभावित लोगों और परिवारों के लिए ज्यादा जागरूकता और समावेश की जरूरत पर जोर दिया। अभिनेता ने लिखा, “फ्रेजाइल जरूर देखें। एक कलाकार के रूप में हम अपनी जिंदगी की कहानियां सुनाने में व्यक्त हैं, लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं, जो सिर्फ देखने के लिए नहीं, बल्कि हमें रुककर, सुनकर और उन लोगों की दुनिया को समझने के लिए प्रेरित करती हैं, जिनके बारे में हम शायद बहुत कम जानते हैं। ‘फ्रेजाइल’ एक ऐसी ही फिल्म है।”

उन्होंने फिल्म के बारे में जानकारी देते हुए लिखा, “यह फिल्म पूरी सच्चाई और संवेदनशीलता के साथ ‘फ्रेजाइल एक्स सिंड्रोम’ से जुड़ी चुनौतियों को दिखाती है। यह उन लोगों और उनके परिवारों की कहानी है, जो हर दिन हिम्मत, धैर्य, संघर्ष और प्यार के साथ इस स्थिति का सामना करते हैं।”

अभिनेता ने बताया कि उनका हमेशा से मानना रहा है कि सिनेमा की सबसे बड़ी ताकत यही है कि वह उन बातों को सामने लाता है, जिन्हें अक्सर लोग नहीं देख पाते। एक अच्छी कहानी सोच बदल सकती है, बातचीत की शुरुआत कर सकती है और हमें एक-दूसरे को ज्यादा समझने और महसूस करने की प्रेरणा दे सकती है।

उन्होंने लिखा, “22 जुलाई को ‘विश्व फ्रेजाइल एक्स जागरूकता दिवस’ से पहले मेरी उम्मीद है कि ‘फ्रेजाइल’ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे और इस विषय पर जागरूकता, समझ और अपनापन बढ़ाए। ‘ऑटिज्म’ के बारे में जागरूकता तब तक पूरी नहीं हो सकती, जब तक हम ‘फ्रेजाइल एक्स सिंड्रोम’ की बात न करें, क्योंकि यह ऑटिज्म का सबसे आम एकल जीन कारण माना जाता है।”

उन्होंने आखिर में सभी से आग्रह करते हुए लिखा, “मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि ‘फ्रेजाइल’ देखें, इसका संदेश दूसरों तक पहुंचाएं और इस जरूरी बातचीत का हिस्सा बनें। कई बार किसी को समझने की शुरुआत सिर्फ एक कहानी से होती है।”

–आईएएनएस

एनएस/एबीएम


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