स्मृति मंधाना: अपनी दमदार बल्लेबाजी से भारतीय महिला क्रिकेट में फूंकी नई जान


नई दिल्ली, 17 जुलाई (आईएएनएस)। भारत में महिला क्रिकेट की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। महिला टीम के मैचों को देखने के लिए अब फैंस बड़ी संख्या में स्टेडियम में जुटते हैं और मोबाइल, टीवी पर भी चिपके रहते हैं। इसकी एक वजह बाएं हाथ की सलामी बल्लेबाज और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना हैं, जिन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से फैंस के बीच महिला क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है।

फैंस मैदान में ‘मंधाना’ नाम के नारे लगाते हैं, जो इस खिलाड़ी की बड़ी सफलता है। लोकप्रियता के मामले में मंधाना देश के शीर्ष पुरुष क्रिकेटरों को टक्कर देती हैं।

स्मृति मंधाना का जन्म 18 जुलाई 1996 को मुंबई में हुआ था। मंधाना के पिता और भाई दोनों क्रिकेटर रहे थे। इसका असर उन पर पड़ा, और उन्होंने ने भी इसी खेल में आगे बढ़ने का फैसला किया। मंधाना ने एक साक्षात्कार में बताया था कि उनके पिता को बाएं हाथ के बल्लेबाज पसंद थे, इसलिए उन्होंने बाएं हाथ की बल्लेबाज बनने का फैसला किया।

9 साल की उम्र में मंधाना को महाराष्ट्र अंडर-15 टीम में जगह मिली थी और 11 साल की उम्र में वह राज्य की अंडर-19 टीम में शामिल हुईं। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहीं मंधाना के लिए साल 2013 बड़ी सफलता लेकर आया। 5 अप्रैल 2013 को उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ टी20 में डेब्यू से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की।

डेब्यू के बाद से मंधाना भारतीय महिला क्रिकेट टीम में तीनों फॉर्मेट में सबसे अहम खिलाड़ी बनी हुई हैं। वह टीम की सबसे बड़ी मैच विजेता खिलाड़ियों में से एक हैं।

मंधाना के करियर पर गौर करें तो उन्होंने टेस्ट में 2014 में, वनडे में 2013 और टी20 में 2013 में डेब्यू किया था। अपने 13 साल के करियर में मंधाना ने 9 टेस्ट की 16 पारियों में 2 शतक और 5 अर्धशतक लगाते हुए 788 रन, 120 वनडे की 120 पारियों में 14 शतक और 35 अर्धशतक लगाते हुए 5,411 रन और 171 टी20 की 165 पारियों में 1 शतक और 35 अर्धशतक लगाते हुए 4,538 रन बनाए हैं।

भारतीय महिला क्रिकेट की पोस्टर गर्ल मानी जाने वाली मंधाना ने अपने करियर में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। वह ऑस्ट्रेलिया की एलिस पेरी के बाद आईसीसी विमेंस क्रिकेटर ऑफ द ईयर अवॉर्ड दो बार जीतने वाली दूसरी क्रिकेटर हैं। मंधाना वनडे फॉर्मेट में भारत की तरफ से सबसे तेज शतक लगाने वाली (50 गेंदों पर) बल्लेबाज हैं। वनडे फॉर्मेट में वह मिताली राज के बाद भारत की तरफ से दूसरी सबसे सफल बल्लेबाज हैं। तीनों फॉर्मेट में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला बल्लेबाज हैं। वनडे फॉर्मेट में सर्वाधिक शतक के मामले में मंधाना दूसरे स्थान पर हैं। महिला क्रिकेट में एक कैलेंडर ईयर में 1000 से ज्यादा रन बनाने वाली पहली महिला खिलाड़ी हैं। एक कैलेंडर ईयर में वनडे में सबसे ज्यादा शतक (4) भी मंधाना के नाम है।

मंधाना फिलहाल 30 साल की हैं। हरमनप्रीत कौर के बाद वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्णकालिक कप्तान बनने की दावेदार हैं। उनके पास कम से कम 5-6 साल का अंतरराष्ट्रीय करियर है। अगर उनकी बल्लेबाजी की मौजूदा फॉर्म जारी रही तो महिला क्रिकेट में वह कई और बड़ी और असाधारण उपलब्धि अपने नाम करेंगी। बतौर कप्तान महिला प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 2 खिताब दिलाकर वह अपनी नेतृत्व क्षमता भी साबित कर चुकी हैं।

–आईएएनएस

पीएके


Show More
Back to top button