स्लीमनाबाद टनल से 1450 गांवों की ढाई लाख हेक्टेयर जमीन की होगी सिंचाई: सीएम मोहन यादव


भोपाल, 17 जुलाई (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के विंध्य और महाकौशल के पांच जिलों के गांव तक पानी पहुंचाने के लिए बन रही स्लीमनाबाद टनल लगभग पूरी होने को है। राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसका निरीक्षण किया और कहा कि यह टनल विंध्य तथा महाकौशल के पांच जिलों की तकदीर बदलेगी और यहां के 1450 गांव में सिंचाई होगी।

बताया गया है कि स्लीमनाबाद टनल से जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना के करीब 1450 गांवों की 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री यादव ने टनल के निर्माण कार्य का जायजा लिया और कहा कि 8 घंटे की तीन शिफ्ट में टनल बनाने के लिए काम शुरू किया गया। वर्ष 2015 तक कुल 1406 मीटर टनल बोरिंग होने से इसकी गति बढ़ाने की आवश्यकता थी। लेकिन वर्ष 2016 से टनल के अपस्ट्रीम छोर से जर्मनी से लाई गई आधुनिक मशीन से खुदाई की गई। टनल तैयार होने के बाद अप स्ट्रीम और डाउन स्ट्रीम में लगभग ढाई लाख हेक्टेयर सिंचाई का रकबा बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि विंध्य क्षेत्र हर प्रकार के संसाधनों से परिपूर्ण है, लेकिन कुछ स्थानों पर पानी की कमी की चुनौती सामने आती है। यह टनल कटनी, रीवा और सतना सहित 5 जिलों के लिए अमृतधारा बनेगी। नर्मदा नदी तो खंभात की खाड़ी में जाकर मिलती है, लेकिन यह विज्ञान का चमत्कार ही है कि अब मां नर्मदा इस ऐतिहासिक टनल के माध्यम से गंगा बेसिन में सोन नदी के आसपास के अंचल में भी हरियाली लाएगी। किसानों और क्षेत्र के व्यापारियों के लिए यह टनल एक वरदान की तरह है। लगभग 12 किलोमीटर लंबी यह परियोजना भविष्य में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में केस स्टडी सिद्ध होगी। भीषण से भीषण भूकंप आने पर भी टनल 100 साल तक सुरक्षित रहेगी। कई स्थानों पर टनल की गहराई जमीन से नीचे 120 फीट तक भी है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से चित्रकूट का यह क्षेत्र, विंध्य की वैली के पांच जिलों – रीवा, सतना, मैहर, पन्ना और कटनी – के कुल ढाई लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का रकबा बढ़ेगा। लोगों के लिए पेयजल की समस्या का समाधान होगा। कई स्थानों पर इसमें बिजली भी बनाई जाएगी। यह परियोजना राज्य में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के संकल्प की पूर्ति में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में टनल परियोजना किसानों के लिए बड़ी सौगात है। आगामी तीन माह में रबी की फसल के लिए किसानों को 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो जाएगा। इस टनल परियोजना में एक ओर जहां नीचे नर्मदा नदी बहेगी, तो दूसरी ओर ऊपर से कटनी नदी प्रवाहित होगी। यह टनल परियोजना बुंदेलखंड और बघेलखंड के लिए बड़ी सौगात है, जो जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति करेगी।

गौरतलब है कि इस टनल की लंबाई 11.952 किलोमीटर है। यह विंध्य पर्वतमाला के अंदर से नर्मदा के पानी को गुरुत्वाकर्षण के आधार पर सोन नदी तक लाएगी। इस तरह यह पानी सोन नदी के कछार तक पहुंचेगा।

–आईएएनएस

एसएनपी/डीएससी


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