ऋण माफी का निर्णय चुनावों के बजाय किसान कल्याण के लिए लिया गया: फडणवीस


मुंबई, 15 जुलाई (आईएएनएस)। ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर किसान फसल ऋण माफी योजना’ की घोषणा के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जहां कुछ लोगों ने माफी योजना के क्रियान्वयन पर संदेह जताया, वहीं यह (महायुति) सरकार किसानों के अपने ‘देवभाऊ’ (भाई देव) के नेतृत्व में है।

वे भाजपा किसान मोर्चा द्वारा उन्हें सम्मानित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।

राज्य सरकार पर राजनीतिक दांव-पेच का आरोप लगाने वाले आलोचकों को जवाब देते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि अगर हम सिर्फ राजनीतिक सोच रहे होते, तो अगले बड़े चुनाव दूर होने के कारण हम ऋण माफी को जनवरी 2029 तक टाल सकते थे। लेकिन किसान कल्याण से जुड़े फैसले राजनीति से नहीं जुड़े होते। कुछ लोगों को उम्मीद थी कि सरकार वादे पूरे करने में विफल रहेगी, जिससे उन्हें विरोध प्रदर्शन करने और अपने ‘प्रचार के अड्डे’ चलाने का मौका मिल जाएगा। वे भूल गए कि यह महायुति सरकार है – देवभाऊ की सरकार है जो किसानों के प्रति समर्पित है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऋण माफी का निर्णय आगामी चुनावों के बजाय पूरी तरह से किसान कल्याण के लिए लिया गया है।

उन्होंने याद दिलाया कि ऋण माफी उनके पिछले चुनाव घोषणापत्र का एक प्रमुख वादा था, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और महायुति गठबंधन ने जिला परिषदों, नगर निगमों और नगर परिषदों में व्यापक जीत हासिल की।

योजना की तकनीकी बारीकियों को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 2 लाख रुपए तक के ऋण की माफी को मंजूरी दी है, साथ ही नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों के लिए 50,000 रुपए का प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि शुरू में एक शर्त रखी गई थी कि 2019 में ऋण माफी के लाभार्थी इस बार की योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मैंने अधिकारियों से पूछा कि अगर सरकार 50,000 रुपए तक की सहायता प्रदान करे और किसान बाकी का भुगतान करें तो क्या होगा। पता चला कि बहिष्कृत 12 लाख किसानों में से लगभग 600,000 किसान अपनी जेब से केवल 10,000 से 12,000 रुपए का भुगतान करके लाभान्वित हो सकते हैं। इसलिए, समिति की आधिकारिक रिपोर्ट से पूरी तरह आगे बढ़कर, हमने निर्णय लिया कि राज्य सरकार उन्हें सहायता के लिए 50,000 रुपए तक प्रदान करेगी।

–आईएएनएस

एमएस/


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