बांग्लादेश में खसरे का कहर, 758 मौतों के बीच डेंगू का बढ़ा खतरा

ढाका, 12 जुलाई (आईएएनएस)। बांग्लादेश में पिछले 24 घंटों के दौरान रविवार सुबह 8 बजे (स्थानीय समय) तक खसरे जैसे लक्षणों से पांच और बच्चों की मौत हो गई। इसके साथ ही देश में खसरे से जुड़ी पक्की और संदिग्ध मौतों की कुल संख्या बढ़कर 758 हो गई है।
बांग्लादेश के अखबार द बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार, बांग्लादेश के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, संदिग्ध खसरे से होने वाली मौतों की संख्या बढ़कर 664 हो गई है, जबकि लैब जांच से पुष्टि हुई मौतों की संख्या 94 पर बनी हुई है।
इस दौरान बांग्लादेश में खसरे के 879 नए संदिग्ध मामले सामने आए, जिससे संदिग्ध संक्रमणों की कुल संख्या बढ़कर 111,480 हो गई। वहीं, जांच में पुष्टि हुए खसरे के 90 नए मामले दर्ज किए गए, जिसके बाद देश में कुल पुष्टि किए गए मामलों की संख्या 13,500 हो गई है।
डीजीएचएस के आंकड़ों के मुताबिक, 15 मार्च से अब तक बांग्लादेश में खसरे के 94,340 संदिग्ध मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से 90,605 मरीज ठीक हो चुके हैं।
बांग्लादेश के अस्पतालों में हर दिन 900 से ज्यादा खसरे के मरीज भर्ती हो रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर काफी दबाव है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर डेंगू के मामले भी बढ़ते हैं, तो अस्पतालों पर बोझ और बढ़ सकता है और इससे मौतों का खतरा भी बढ़ सकता है।
रिपोर्टों के अनुसार, ढाका के बड़े सरकारी अस्पताल, जो पहले डेंगू के प्रकोप के दौरान हजारों मरीजों का इलाज कर चुके हैं, इस समय खसरे के मरीजों की बड़ी संख्या से जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर डेंगू के मामलों में तेजी आती है, तो पहले से सीमित स्वास्थ्य सुविधाओं पर और दबाव पड़ेगा और मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार के अनुसार, जून महीने में डेंगू की स्थिति और खराब हुई है। इस साल अब तक सामने आए डेंगू के कुल मामलों में से 48 प्रतिशत मामले और कुल मौतों में से 72 प्रतिशत मौतें जून में दर्ज की गई हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जुलाई और अगस्त में मानसून के चरम समय के दौरान डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छरों को रोकने के लिए कदम नहीं उठाए गए, तो ये आंकड़े और बढ़ सकते हैं।
बांग्लादेश मेडिकल यूनिवर्सिटी (बीएमयू) के आंतरिक चिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर फजल रब्बी चौधरी ने कहा कि हालांकि खसरे के मामलों में अब कमी आनी शुरू हो गई है, लेकिन यह कमी उम्मीद से धीमी है।
उन्होंने कहा, “इसी समय मानसून मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है और डेंगू के मामले पहले ही बढ़ने लगे हैं। इससे निश्चित रूप से अस्पतालों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।”
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्थिति को बड़े स्वास्थ्य संकट में बदलने से रोकने के लिए बांग्लादेश सरकार से मच्छरों के लार्वा को खत्म करने के अभियान तेज करने, अस्थायी इलाज केंद्र बढ़ाने और डेंगू के लिए अलग यूनिट बनाने की अपील की है, ताकि दोनों बीमारियों से एक साथ निपटा जा सके।
–आईएएनएस
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