रिलायंस इंफ्रा की मुंबई मेट्रो वन को बड़ी राहत, एनएआरसीएल के साथ हुआ कर्ज पुनर्गठन समझौता

मुंबई, 10 जुलाई (आईएएनएस)। रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने शुक्रवार को बताया कि उसकी सहयोगी कंपनी मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड (एमएमओपीएल) ने सरकारी समर्थित नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (एनएआरसीएल) के साथ कर्ज पुनर्गठन समझौता किया है, जिसके तहत कंपनी का 1,100 करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज कम होगा और उसके खिलाफ चल रही दिवाला कार्यवाही भी वापस ले ली जाएगी।
एक एक्सचेंज फाइलिंग में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने कहा कि एमएमओपीएल एक संयुक्त उद्यम, जिसमें उसकी हिस्सेदारी 74 प्रतिशत है, जबकि शेष 26 प्रतिशत हिस्सेदारी मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) के पास है, ने 9 जुलाई को एनएआरसीएल के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
कंपनी के मुताबिक, 31 मार्च 2026 तक बकाया राशि के आधार पर इस पुनर्गठन से एनएआरसीएल को देय कर्ज में 1,100 करोड़ रुपए से अधिक की कमी आएगी। इसके साथ ही एमएमओपीएल के खिलाफ शुरू की गई दिवाला प्रक्रिया भी वापस ले ली जाएगी।
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने कहा कि यह समझौता एमएमओपीएल के कर्ज समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति पहले से अधिक मजबूत होगी।
कंपनी का कहना है कि कर्ज पुनर्गठन के बाद एमएमओपीएल वर्सोवा-अंधेरी-घाटकोपर मेट्रो लाइन-1 के संचालन और रखरखाव पर बेहतर तरीके से ध्यान दे सकेगी। साथ ही, इससे कंपनी की दीर्घकालिक परिचालन क्षमता और वित्तीय स्थिरता भी मजबूत होगी।
एमएमओपीएल मुंबई की सबसे व्यस्त मेट्रो लाइनों में से एक, वर्सोवा-अंधेरी-घाटकोपर मेट्रो लाइन-1 का स्वामित्व, संचालन और रखरखाव करती है, जो प्रतिदिन 5 लाख से अधिक यात्रियों को सेवा प्रदान करती है।
इससे पहले 25 फरवरी 2026 को भी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने इस मामले से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को दी थी।
इससे पहले जून में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने घोषणा की थी कि वह अपनी सहयोगी कंपनियों के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और अन्य नई तकनीकों के क्षेत्र में भी विस्तार कर रही है। कंपनी के अनुसार, वह तेजी से विकसित हो रहे एआई इकोसिस्टम और इससे जुड़े तकनीकी क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।
–आईएएनएस
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