भारत में स्टील उत्पादन की रफ्तार तेज, अप्रैल-जून तिमाही में दर्ज की गई 5.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी

नई दिल्ली, 6 जुलाई (आईएएनएस)। स्टील मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में देश का फिनिश्ड (तैयार) स्टील उत्पादन बढ़कर 1.38 करोड़ टन (13.8 मिलियन टन) हो गया, जो पिछले वर्ष जून के 1.3 करोड़ टन (13 मिलियन टन) की तुलना में 6 प्रतिशत अधिक है।
चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान भी फिनिश्ड स्टील उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस अवधि में उत्पादन 3.87 करोड़ टन से बढ़कर 4.10 करोड़ टन हो गया, जो 5.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
फिनिश्ड स्टील की खपत में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली। जून 2026 में इसकी खपत 1.42 करोड़ टन (14.2 मिलियन टन) रही, जबकि पिछले साल इसी महीने यह 1.32 करोड़ टन (13.2 मिलियन टन) थी। यानी सालाना आधार पर इसमें 7.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे और बंदरगाहों जैसी बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर किए जा रहे निवेश के कारण स्टील की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है।
अप्रैल-जून तिमाही के दौरान फिनिश्ड स्टील की कुल खपत 3.84 करोड़ टन से बढ़कर 4.16 करोड़ टन हो गई। इस तरह पहली तिमाही में इसकी खपत में 8.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो देश में बड़े पैमाने पर चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कार्यों की गति को दर्शाती है।
भारत के स्टील निर्यात में भी तेज उछाल देखने को मिला। जून 2026 में देश ने 6.16 लाख टन स्टील का निर्यात किया, जबकि पिछले वर्ष जून में यह आंकड़ा 4.46 लाख टन था। इस तरह स्टील निर्यात में 38.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
वहीं, कच्चे स्टील (क्रूड स्टील) का उत्पादन जून 2026 में 1.41 करोड़ टन रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह 1.35 करोड़ टन था।
मूल्य के लिहाज से भी स्टील निर्यात में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। जून 2026 में स्टील निर्यात का मूल्य 4,674 करोड़ रुपए रहा, जबकि पिछले वर्ष जून में यह 3,256.9 करोड़ रुपए था, यानी निर्यात मूल्य में 43.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
आधिकारिक बयान के अनुसार, जून 2026 तक भारत की कुल क्रूड स्टील उत्पादन क्षमता बढ़कर 221.9 मिलियन टन प्रति वर्ष हो गई है। इससे देश राष्ट्रीय इस्पात नीति के तहत वर्ष 2030 तक 300 मिलियन टन प्रति वर्ष की उत्पादन क्षमता हासिल करने के लक्ष्य की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।
–आईएएनएस
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