'आखिरी सांस तक झुकूंगा नहीं', अभिषेक बनर्जी ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप


कोलकाता, 2 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल के बीच तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में, पश्चिम बंगाल पुलिस (एसटीएफ/सीआईडी) ने बिना उचित सूचना दिए और बुनियादी कानूनी सुरक्षा उपायों का उल्लंघन करते हुए मेरे कार्यालय से जुड़े या मुझसे संबंधित लगभग 25 लोगों को पूछताछ के नाम पर अचानक तलब किया या मनमाने ढंग से हिरासत में ले लिया।

अभिषेक ने कहा कि इन लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है और मुझ पर झूठे बयान देने के लिए दबाव डाला जा रहा है। उनके फोन टैप किए जा रहे हैं और यहां तक ​​कि परिवार के सदस्यों (महिलाएं भी शामिल) को भी परेशान किया जा रहा है और धमकाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक धमकियों का सबसे बुरा रूप है। जिस सरकार के मुख्यमंत्री को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद किया गया था और जिन पर सीबीआई के कई मामले लंबित हैं, वही सरकार अब मुझे निशाना बनाने के लिए सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। आप जो चाहें करें। मैं अपनी आखिरी सांस तक झुकूंगा नहीं।

इससे पहले एक जुलाई को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की एक अदालत ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी को नोटिस जारी किया। उन्हें अदालत में पेश होने के लिए कहा गया है ताकि सीआईडी के अधिकारी उनके आवाज के नमूने ले सकें। अभिषेक पर एक चुनावी रैली में हिंसा भड़काने वाले बयान देने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकाने का आरोप है।

उत्तर 24 परगना जिले के साल्ट लेक स्थित बिधाननगर कोर्ट के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने डायमंड हार्बर के सांसद को 8 जुलाई को सुबह 10 बजे तक अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है, ताकि सीआईडी अधिकारी ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में उनके आवाज के सैंपल ले सकें।

अभिषेक को इसी काम के लिए मंगलवार को जिला अदालत में पेश होना था। हालांकि, वह मंगलवार को जिला अदालत में पेश नहीं हुए, क्योंकि कलकत्ता हाईकोर्ट की सिंगल-जज बेंच में उनकी उस याचिका पर सुनवाई चल रही थी, जिसमें उन्होंने आवाज के सैंपल लेने के जिला अदालत के पिछले आदेश को चुनौती दी थी।

–आईएएनएस

एमएस/


Show More
Back to top button