अदाणी ग्रीन एनर्जी 20 गीगावाट की ऑपरेशनल क्षमता वाली भारत की पहली रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी बनी


अहमदाबाद, 1 जुलाई (आईएएनएस) अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) ने बुधवार को घोषणा की कि उसने 20 गीगावाट की ऑपरेशनल रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही, वह ग्रीनफील्ड डेवलपमेंट के जरिए यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की पहली रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी बन गई है।

बयान के अनुसार, अदाणी ग्रीन हर साल 52 अरब यूनिट से ज्यादा क्लीन एनर्जी बना रही है और यह उत्पादन भारत की कुल बिजली खपत का लगभग 3 प्रतिशत है।

एजीईएल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अदाणी ने कहा, “20 गीगावाट का आंकड़ा पार करना यह दिखाता है कि अनुशासित काम और दूर की सोच से क्या हासिल किया जा सकता है। आज, एजीईएल अपनी कुशल टीम और लंबे समय से साथ काम कर रहे पार्टनर्स के साथ मिलकर इतनी रिन्यूएबल बिजली पैदा कर रहा है जो लगभग मुंबई और नई दिल्ली की सालाना बिजली की कुल जरूरत के बराबर है। इससे देश की एनर्जी सिक्योरिटी मजबूत हो रही है और साथ ही क्लीन एनर्जी की ओर बढ़ने की रफ्तार भी तेज़ हो रही है।”

यह उपलब्धि 2016 में तमिलनाडु के कामुथी में एजीईएल के पहले रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट के शुरू होने के एक दशक के भीतर हासिल हुई है, जो इसे भारत की सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ने वाली ग्रीनफील्ड रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता बनाती है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 26 में 5,051 मेगावाट क्षमता जोड़ी, जो चीन के बाहर किसी भी कंपनी द्वारा सालाना जोड़ी गई सबसे अधिक रिन्यूएबल क्षमता है।

एजीईएल के ऑपरेशनल पोर्टफोलियो में लगभग 14.2 गीगावाट सोलर, 2.7 गीगावाट विंड और 3.3 गीगावाट विंड-सोलर हाइब्रिड क्षमता शामिल है।

इसके अलावा, एजीईएल ने 3.55 गीगावाट का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) शुरू किया है, जो चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा डिप्लॉयमेंट है और दुनिया भर में सबसे तेजी से पूरा किए गए प्रोजेक्ट्स में से एक है।

सागर अदाणी ने कहा, “जैसे-जैसे भारत के पावर मिक्स में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी बढ़ रही है, भरोसेमंद और जरूरत के हिसाब से उपलब्ध होने वाली क्लीन पावर देने के लिए बैटरी स्टोरेज अहम होता जा रहा है।”

एजीईएल की योजना वित्त वर्ष 27 में 10 गीगावाट बैटरी स्टोरेज जोड़ने और अगले पांच वर्षों में अपने पोर्टफोलियो को 50 गीगावाट तक बढ़ाने की है, ताकि 2030 तक 50 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी के लक्ष्य को पूरा किया जा सके।

–आईएएनएस

एबीएस


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