भारत का मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई जून में 54.2 रहा, इनपुट लागत में कम हुआ महंगाई का दबाव

नई दिल्ली, 1 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में जून में गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 54.2 पर रहा है। यह जानकारी एचएसबीसी फ्लैश इंडिया पीएमआई डेटा में बुधवार को दी गई।
जब भी पीएमआई 50 से ऊपर होता है तो आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होती है। इससे नीचे रहने पर आर्थिक गतिविधियों में गिरावट देखी जाती है।
पीएमआई आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने नए ऑर्डर और उत्पादन में वृद्धि धीमी रही। कई निर्माताओं ने मांग में सुधार की सूचना दी, जबकि अन्य ने ग्राहकों की कम मांग और बाजार प्रतिस्पर्धा को इसका कारण बताया।
इस बीच, निर्यात मांग भी इस महीने सकारात्मक बनी रही, हालांकि वृद्धि की गति धीमी रही।
एसएसबीसी की चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्रांजुल भंडारी ने कहा कि जून के पीएमआई डेटा से पता चलता है कि मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
उन्होंने कहा, “इस नरमी से पता चलता है कि मध्य पूर्व में चल रहे टकराव की वजह से आई शुरुआती तेजी के बाद अब मांग थोड़ी कम हुई है। आउटपुट, नए ऑर्डर, एक्सपोर्ट ऑर्डर और रोजगार में ग्रोथ धीमी हुई है, जबकि इनपुट और आउटपुट प्राइस इंडेक्स दोनों में गिरावट आई है। इससे पता चलता है कि भू-राजनीतिक उथल-पुथल कम होने के साथ महंगाई का दबाव भी कम हो रहा है।”
पीएमआई डेटा के मुताबिक, इस महीने इनपुट और आउटपुट लागत में महंगाई का दबाव कम हुआ है।
लेकिन खरीद की गतिविधियों में कमी आई, जिससे कच्चे माल का स्टॉक धीमी गति से बढ़ा, जबकि तैयार माल की इन्वेंट्री में गिरावट आई और कंपनियों ने मौजूदा मांग के हिसाब से उत्पादन को समायोजित किया।
हालांकि, जून में रोजगार में वृद्धि जारी रही, भले ही इसकी गति धीमी थी।
इससे पहले जून में जारी हुए एचएसबीसी फ्लैश पीएमआई डेटा से पता चला था कि भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत के निजी क्षेत्र की गतिविधियों में थोड़ी नरमी आई, जबकि कुल नए ऑर्डर में मजबूत वृद्धि जारी रही।
–आईएएनएस
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