पुणे में जेसीबी से कुचलकर की मजदूर की हत्या, शव फेंककर सबूत मिटाने की कोशिश


पुणे, 1 जुलाई (आईएएनएस)। पुणे जिले में स्थित दौंड तहसील के गाडामोडी स्थित एक गुड़ बनाने के कारखाने में काम करने वाले उत्तर प्रदेश के 23 वर्षीय मजदूर की जेसीबी के नीचे कुचलकर मौत हो गई थी। इस हादसे को छिपाने के लिए उसके शव को कार की डिक्की में डालकर वाघोली-राहू रोड पर फेंकने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस मामले में यवत पुलिस ने जेसीबी चालक, जेसीबी मालिक और अन्य चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

मृत युवक की पहचान रामू शंभू पासी निवासी कोला, जिला सीतापुर (यूपी) के रूप में हुई है। वह अप्रैल 2026 से गाडामोडी स्थित कारखाने में मजदूर के रूप में काम कर रहा था। इस मामले में उसके भाई राजू शंभू पासी (21) ने यवत पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।

पुलिस के अनुसार, 19 जून को ठेकेदार तमरेज फरीदी ने फोन कर रामू के लापता होने की जानकारी दी थी। इसके बाद परिवार ने कुछ दिनों तक इंतजार किया लेकिन जब वह घर नहीं लौटा, तो उसका भाई राजू पासी उत्तर प्रदेश से दौंड आया और कई जगहों पर उसकी तलाश की। आखिरकार 29 जून को कारखाने में पूछताछ करने पर पूरा मामला सामने आया।

बताया गया कि कारखाने में जेसीबी का काम चल रहा था। इसी दौरान चालक आलम की लापरवाही से सो रहे रामू पासी के ऊपर जेसीबी का पहिया चढ़ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद जेसीबी मालिक अविनाश बालासो यादव ने ठेकेदार को धमकी देते हुए कहा कि “इस बात की जानकारी किसी को मत देना, नहीं तो जान से मार देंगे।”

इसके बाद अविनाश यादव, गणेश हरिभाऊ जगताप, कल्लू और प्रधान इस्तकार ने मिलकर रामू के शव को कार की डिक्की में डाल दिया। तड़के ये सभी वापस आए और शव को वाघोली-राहू रोड पर फेंककर इसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की।

इस पूरे मामले में हादसे को छिपाने और सबूत मिटाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस संबंध में यवत पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1), 238 और 3(5) के तहत जेसीबी चालक आलम, मालिक अविनाश यादव, गणेश जगताप, कल्लू और प्रधान इस्तकार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

–आईएएनएस

ओपी/पीएम


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