'ईट फिट डाइजेस्टिव बिस्किट' पर भ्रामक दावों का आरोप, एफएसएसएआई ने कंपनी को जारी किया नोटिस


नई दिल्ली, 27 जून (आईएएनएस)। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने उपभोक्ता की शिकायत के आधार पर एसएजे फूड प्रोडक्ट्स के खिलाफ नोटिस जारी किया है। यह मामला कंपनी के “ईट फिट डाइजेस्टिव बिस्किट” पर किए गए दावों से जुड़ा है। एफएसएसएआई ने कंपनी को सात दिनों के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

एक उपभोक्ता ने आरोप लगाया गया कि उत्पाद के फ्रंट लेबल पर “100 प्रतिशत आटा” लिखा गया है, जबकि पैकेजिंग पर दी गई सामग्री सूची में केवल 72.33 प्रतिशत आटा मौजूद बताया गया है। शिकायत के अनुसार, यह अंतर उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकता है, क्योंकि उत्पाद की वास्तविक संरचना और सामने किए गए दावे में मेल नहीं है।

एफएसएसएआई ने इस शिकायत की जांच के बाद कई अनियमितताएं दर्ज की हैं। सबसे पहले “100 प्रतिशत आटा” के दावे को भ्रामक पाया गया, क्योंकि उत्पाद में केवल आटा ही नहीं बल्कि अन्य सामग्री और एडिटिव्स भी शामिल हैं। इसके अलावा, एफएसएसएआई की एडवाइजरी के अनुसार इस तरह के “100 प्रतिशत” दावों को बंद करने का निर्देश पहले ही दिया जा चुका है, जिसका पालन इस मामले में नहीं हुआ है।

दूसरा “नो एडेड शुगर” का दावा गुमराह करने वाला पाया गया। एफएसएसएआई के अनुसार, ईट फिट डाइजेस्टिव बिस्किट में माल्टोडेक्सट्रिन और ग्लूकोज सिरप सॉलिड्स जैसी चीजें भी मौजूद हैं।

इसके अलावा, एफएसएसएआई ने ईट फिट डाइजेस्टिव बिस्कुट नाम पर भी सवाल उठाए हैं। प्राधिकरण का कहना है कि इस तरह के नामों के लिए वैज्ञानिक आधार आवश्यक होता है, जैसा कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एडवरटाइजिंग एंड क्लेम्स) रेगुलेशन, 2018 में निर्धारित है। इस नियम के तहत किसी भी स्वास्थ्य-संबंधी या फिटनेस का संकेत देने वाले नाम को प्रमाणित करना जरूरी होता है।

एफएसएसएआई ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर बताया कि इन सभी बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कंपनी को यह बताना होगा कि क्यों न उसके खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत कार्रवाई की जाए।

–आईएएनएस

पीआईएम/वीसी


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