अदाणी ग्रुप की कंसोलिडेटेड पोर्टफोलियो आय वित्त वर्ष 26 में 2.92 लाख करोड़ रुपए रही : चेयरमैन

अहमदाबाद, 24 जून (आईएएनएस)। अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बुधवार को कहा कि वित्त वर्ष 26 समूह के लिए अनुशासित वृद्धि और मजबूत क्रियान्वयन वाला एक और वर्ष साबित हुआ है और इस दौरान हमारा कंसोलिडेटेड पोर्टफोलियो आय सालाना आधार पर 7.4 प्रतिशत बढ़कर 2.92 लाख करोड़ रुपए हो गई है।
अदाणी ग्रुप की 34वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) 2026 में शेयरहोल्डर्स को संबोधित करते हुए गौतम अदाणी ने कहा कि वे अब उन चुनिंदा ग्लोबल कंपनियों में से एक हैं जो भविष्य के हिसाब से सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं दे रही हैं, बल्कि उसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।
अरबपति कारोबारी ने कहा,”अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस में हमारी ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक बढ़कर 72,000 करोड़ रुपए हो गई है। हमने कई बड़े प्रोजेक्ट हासिल किए हैं, जिनमें खावड़ा साउथ ओलपाड एचवीडीसी लाइन भी शामिल है। इससे एचवीडीसी क्षमता साबित करने वाली भारत की एकमात्र प्राइवेट सेक्टर कंपनी के तौर पर हमारी स्थिति और मजबूत हुई है।”
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन ने बताया, “अदाणी पावर में हम भारत का अब तक का सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर पावर कैपेक्स प्रोग्राम लागू कर रहे हैं, जिसकी लागत 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक है। हमारा लक्ष्य अगले पांच सालों में 45 गीगावाट की क्षमता हासिल करना है। हमें भूटान सरकार की ड्रुक ग्रीन पावर कॉरपोरेशन के साथ पार्टनरशिप करने पर गर्व है। इस पार्टनरशिप के तहत, अदाणी ग्रुप और डीजीपीसी मिलकर भूटान में 5,000 मेगावाट के हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स विकसित करेंगे।”
अदाणी एटॉमिक एनर्जी के जरिए न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में समूह का प्रवेश, भारत के लंबे समय के ऊर्जा भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक और भरोसेमंद कदम है।
गौतम अदाणी ने कहा, “जमीन की पहचान और 2035 तक 10 गीगावाट क्षमता के लक्ष्य के साथ, हम क्लीन और चौबीसों घंटे मिलने वाली बिजली की बढ़ती राष्ट्रीय मांग को पूरा करने के लिए खुद को समय रहते तैयार कर रहे हैं।”
गौतम अदाणी ने कहा, “अदाणी टोटल गैस में हमने तेजी लाते हुए 11 लाख से ज्यादा घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन देने का अहम पड़ाव पार कर लिया है। मौजूदा भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए, हम आसानी से उपलब्ध गैस की भारत में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपने पीएनजी प्रोजेक्ट्स को और बढ़ा रहे हैं। कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स की बात करें तो, अदाणी पोर्ट्स ने वित्त वर्ष 2025-26 में 500 मिलियन टन से ज्यादा कार्गो को हैंडल किया, जिससे देश के लिए एक बेजोड़ बेंचमार्क सेट हुआ और 2030 तक एक अरब टन तक पहुंचने का साफ रास्ता बना।”
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन ने बताया कि पोर्ट्स, एसईजेड, लॉजिस्टिक्स एसेट्स और बढ़ती समुद्री सेवाओं का इंटीग्रेटेड नेटवर्क “हमें एक खास स्थिति में लाता है, जिससे हम मार्केट शेयर बढ़ाते हुए भारत के व्यापार की लागत और जटिलता को कम कर सकते हैं।”
गौतम अदाणी ने अपने भाषण में कहा, “मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि दुनिया के समुद्री रूट पर सबसे अहम बंदरगाहों में से एक, विझिनजम ने एक मिलियन टीईयू का आंकड़ा पार करके पहले ही साल में रिकॉर्ड बनाया है। यह किसी भी भारतीय बंदरगाह द्वारा हासिल की गई अब तक की सबसे तेज रफ्तार है और ग्लोबल ट्रांसशिपमेंट मैप पर भारत के आने का एक मजबूत संकेत है।”
एयरपोर्ट के क्षेत्र में, ग्रुप ने नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और गुवाहाटी एयरपोर्ट पर नई इंटीग्रेटेड टर्मिनल बिल्डिंग को खोलकर दो अहम उपलब्धियां हासिल कीं; इन दोनों का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।
गौतम अदाणी ने कहा, “इस साल की शुरुआत में, ये दोनों एयरपोर्ट दुनिया के सात सबसे खूबसूरत एयरपोर्ट की लिस्ट में शामिल हुए। दिसंबर 2025 में नवी मुंबई में कामकाज शुरू होना भारत के एविएशन सेक्टर के लिए गर्व का पल था, क्योंकि 90 मिलियन यात्रियों की क्षमता वाला यह एयरपोर्ट दुनिया के रिकॉर्ड समय यानी चार साल से कुछ ज्यादा समय में बनकर तैयार हुआ।”
डिजिटल और इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में, ग्रुप का डेटा सेंटर बिजनेस 2030 तक 3 गीगावाट का प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन ने कहा, “विशाखापत्तनम में गूगल के साथ गीगावाट-स्केल डेटा सेंटर के लिए हुआ एमओयू भविष्य में डिजिटल मांग के पैमाने और गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, उबर और फ्लिपकार्ट जैसी ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियों के हम पर भरोसे, दोनों को दिखाता है।”
गौतम अदाणी ने आगे कहा, “अदाणी सीमेंट में, हमने चेनाब रेलवे ब्रिज से लेकर नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अहमदाबाद में उमिया धाम फाउंडेशन जैसे अहम राष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में योगदान दिया है। पिछले साल, हमारे सीमेंट प्लेटफॉर्म का काफी विस्तार हुआ और कुल क्षमता बढ़कर 110 एमएमटीपीए हो गई।”
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन ने आगे कहा कि डिफेंस और एयरोस्पेस के क्षेत्र में “हमारा लक्ष्य और भी बड़ा हो गया है”।
गौतम अदाणी ने कहा, “लियोनार्डो और एम्ब्रेयर के साथ हमारी पार्टनरशिप भारत में इंटीग्रेटेड हेलीकॉप्टर और रीजनल एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की नींव रखने में मदद कर रही है। हम एक ऐसा नेशनल एयरोस्पेस प्लेटफॉर्म बना रहे हैं जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, एमआरओ, सर्विस और पायलट ट्रेनिंग शामिल हैं।”
–आईएएनएस
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