कर छूट के बहाने किसे फायदा? पिनाराई विजयन ने केरल सरकार की मंशा पर उठाए सवाल


तिरुवनंतपुरम, 23 जून (आईएएनएस)। केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने मंगलवार को राज्य के बजट में कम अल्कोहल वाली शराब पर कर छूट देने के प्रस्ताव के पीछे भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, जिससे केरल विधानसभा में तीखी नोकझोंक और टकराव की स्थिति पैदा हो गई।

विपक्ष द्वारा इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव की मांग करने वाले नोटिस पर चर्चा के दौरान विजयन ने आरोप लगाया कि यह कदम एक निजी शराब कंपनी के लिए अनुचित लाभ की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया था।

विपक्ष के नेता ने दावा किया कि कर प्रस्ताव को निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने के इरादे से बजट में शामिल किया गया था। उन्होंने कहा कि बजट अनुसूची से ही स्पष्ट होता है कि नए कर प्रस्ताव पर ठीक से विचार या योजना नहीं बनाई गई थी।

विजयन ने कहा, “इससे एक निजी शराब कंपनी को भारी मुनाफा कमाने का अवसर मिलेगा। यही इसमें शामिल गंभीर मुद्दा है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम कर्नाटक स्थित एक शराब कंपनी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया था और दावा किया कि कर कटौती का उद्देश्य निजी शराब कंपनी को फायदा पहुंचाना था।

विजयन ने कहा कि बजट में एक ऐसा प्रस्ताव है, जिसके राज्य के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं और उन्होंने अध्यक्ष थिरुवनचूर राधाकृष्णन से स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार करने का आग्रह किया। हालांकि अध्यक्ष ने इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि यह मुद्दा बजट चर्चा का हिस्सा है और इसे स्थगन प्रस्ताव के रूप में नहीं उठाया जा सकता।

विजयन ने अध्यक्ष से पूछा, “जब आप जैसा निष्पक्ष व्यक्ति अध्यक्ष पद पर बैठा हो, तो क्या इसकी अनुमति दी जा सकती है?”

प्रस्ताव को स्वीकार न किए जाने के बाद विपक्ष ने सदन के अंदर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी सदस्यों ने नारे लगाए विधानसभा के वेल में प्रवेश किया और बाद में सदन से बाहर चले गए।

अध्यक्ष ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के बावजूद निगरानी और सुरक्षा कर्मचारियों को नहीं बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा बजट बहस के दौरान उठाया जाना चाहिए और सरकार उचित समय पर इसका जवाब देगी।

विपक्ष के सदन से बाहर चले जाने के बाद मीडिया से बात करते हुए के.एन. बालागोपाल ने कहा, “भ्रष्टाचार को लेकर हमारी आशंकाएं बढ़ती जा रही हैं, क्योंकि सभा टीवी से इस पहलू को भी हटा दिया गया है। यह तो बिलकुल नई बात है।”

पूर्व वित्त मंत्री बालागोपाल ने आगे कहा कि पिछली एलडीएफ सरकार के कार्यकाल के दौरान, फलों और सब्जियों से शराब और निम्न श्रेणी की अल्कोहल बनाने के प्रस्ताव को इसके संभावित सामाजिक प्रभाव को देखते हुए रोक दिया गया था।

–आईएएनएस

एसएचके/वीसी


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