जोधपुर: 8 महिलाओं की तबीयत बिगड़ने पर कांग्रेस नेताओं ने उठाए सवाल, गहलोत बोले- प्रशासन सच्चाई छुपाने में जुटा रहा

जोधपुर, 22 जून (आईएएनएस)। राजस्थान के जोधपुर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसे जानकर हर कोई हैरान हो जाएगा। जिले के पावटा में स्थित राजकीय जिला अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 महिलाएं गंभीर रूप से बीमार हो गई हैं। दो महिलाओं को एमडीएम अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “कोटा और बीकानेर के बाद अब जोधपुर के पावटा जिला अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और दो माताओं की हालत गंभीर होने का समाचार बेहद चिंताजनक है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा, “प्रसूताओं को सेप्टीसीमिया होना और किडनी खराब होने जैसी गंभीर स्थिति पैदा होना चिकित्सा व्यवस्था में आई भारी गिरावट और गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। हैरान करने वाली बात है कि एक तरफ शहर में सरकारी आयोजन और वीआईपी दौरों की चमक बिखेरी जा रही थी, वहीं दूसरी तरफ हमारी माताओं-बहनों की जिंदगी खतरे में थी और प्रशासन सच्चाई छुपाने में जुटा रहा।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, ” जोधपुर के पावटा जिला अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 महिलाओं की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ने एवं दो प्रसूताओं की किडनी खराब होने की खबर अत्यंत दुखद एवं चिंताजनक हैं। प्रदेश में लगातार बदहाल होती स्वास्थ्य व्यवस्था को संभालने में भाजपा सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है।
सचिन पायलट ने आगे लिखा, “इससे पूर्व भी कोटा एवं बीकानेर में कई प्रसूताओं की तबियत बिगड़ने से किडनी फेल हो गई थी, जिसमें से कुछ की मृत्यु भी हो गई थी। इसके बावजूद भी सरकार ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और न ही कोई ठोस कदम उठाया। भाजपा सरकार के शासन में लगातार बिगड़ती चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं और सरकारी अस्पतालों की बदहाली चरम पर है, जिसके चलते आम जनता को इसकी कीमत अपनी जान गंवाकर चुकानी पड़ रही है।
सचिन पायलट ने आगे लिखा, “इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच एवं जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होनी चाहिए और पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता एवं प्रभावित महिलाओं को बेहतर उपचार की व्यवस्था उपलब्ध करवाई जानी चाहिए।”
कांग्रेस सांसद राहुल कास्वां ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की इस बदहाली का जिम्मेदार कौन मुख्यमंत्री जी? उन्होंने लिखा, “कोटा में सिजेरियन के बाद 5, बीकानेर संभाग के सबसे बड़े अस्पताल पीबीएम में 2 प्रसूताओं की दुखद मृत्यु के बाद अब जोधपुर के पावटा अस्पताल में भी प्रसूताओं का स्वास्थ्य बिगड़ना दिखाता है कि प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्थाएं बिल्कुल ढ़ह गई हैं।
सांसद ने आगे लिखा, “यह बेहद शर्मनाक स्थिति है कि एक तरफ सुशासन और विकसित राजस्थान के दावे किए जा रहे हैं, जबकि असलियत में आज माताओं-बहनों को सुरक्षित मातृत्व सुख देने में भी सरकार पूरी तरह फेल है। सरकार, जागिए और इस चरमराई व्यवस्था में सुधार करिए।”
–आईएएनएस
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