अवैध वोटरों की पहचान और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एसआईआर जरूरी: भाजपा सांसद रेखा शर्मा

यमुनानगर, 17 जून (आईएएनएस)। भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), अवैध घुसपैठ, पश्चिम बंगाल की राजनीति और नीट-यूजी परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि वर्षों से मतदाता सूची का व्यापक पुनरीक्षण नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में अवैध नाम जुड़ गए, जिससे कुछ राज्यों में राजनीतिक दलों को फायदा मिला। साथ ही उन्होंने टेलीग्राम प्लेटफॉर्म के कथित दुरुपयोग को लेकर भी चिंता जताई।
रेखा शर्मा ने कहा कि वर्ष 2002 के बाद से मतदाता सूची का व्यापक स्तर पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) नहीं हुआ था। इस दौरान देश में जनसंख्या में बदलाव आया, कई लोगों का निधन हुआ, अनेक लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले गए और नए मतदाता भी जुड़े, लेकिन मतदाता सूचियों का उसी अनुपात में सत्यापन नहीं हुआ। इस स्थिति में मतदाता सूची का पुनरीक्षण बेहद आवश्यक था ताकि वास्तविक और पात्र मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित की जा सके। उनके अनुसार, भारतीय जनता पार्टी के बूथ स्तर के एजेंट (बीएलए) और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के सहयोग से व्यापक स्तर पर जांच और सत्यापन का कार्य किया जा रहा है।
राज्यसभा सांसद ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में वर्षों से बड़ी संख्या में अवैध घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए गए, जिससे राज्य की राजनीति प्रभावित हुई। उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश से आए लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़कर उन्हें विभिन्न दस्तावेज उपलब्ध कराए गए और इसका राजनीतिक लाभ सत्तारूढ़ दल को मिला। रेखा शर्मा ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां केवल चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करतीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि अब ऐसे मामलों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है और जिन लोगों के नाम नियमों के विपरीत मतदाता सूची में शामिल हुए हैं, उन्हें हटाने की प्रक्रिया चल रही है।
रेखा शर्मा ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण से केवल उन्हीं लोगों को चिंता होनी चाहिए जिनके दस्तावेज या मतदाता पहचान अवैध तरीके से बनाई गई है। उन्होंने कहा कि वास्तविक और पात्र भारतीय नागरिकों को किसी प्रकार की आशंका नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि सत्यापन प्रक्रिया के दौरान मतदाता और उनके परिवार से संबंधित आवश्यक जानकारी ली जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सूची में दर्ज व्यक्ति वास्तव में पात्र मतदाता है। उन्होंने कहा कि जो लोग वैध रूप से मतदाता हैं, उनका नाम सूची में बना रहेगा और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
सांसद ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य स्थान पर रह रहा है, तब भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका सत्यापन किया जा सकता है। उनका कहना था कि यह प्रक्रिया केवल मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए की जा रही है। रेखा शर्मा ने आरोप लगाया कि अवैध रूप से भारत में रह रहे कुछ लोग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी सुविधाओं और योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों द्वारा आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र बनवाकर सार्वजनिक संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं और संसाधनों का लाभ केवल पात्र भारतीय नागरिकों तक पहुंचे। उनके अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण के लिए अवैध निवासियों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई आवश्यक है।
नीट-यूजी परीक्षा से जुड़े विवादों और टेलीग्राम प्लेटफॉर्म की भूमिका पर बोलते हुए रेखा शर्मा ने कहा कि परीक्षा से संबंधित सूचनाओं के प्रसार में टेलीग्राम का बड़े पैमाने पर उपयोग किया गया। उन्होंने दावा किया कि टेलीग्राम की तकनीकी संरचना के कारण उस पर साझा की जाने वाली जानकारी को ट्रैक करना अपेक्षाकृत कठिन होता है, जिसके चलते कई लोग गलत गतिविधियों के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। रेखा शर्मा ने कहा कि परीक्षा से जुड़ी सामग्री और प्रश्नों की जानकारी टेलीग्राम के माध्यम से प्रसारित किए जाने की बातें सामने आई थीं।
–आईएएनएस
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