20 कस्बों को निकासी चेतावनी के बाद दक्षिण लेबनान में हवाई हमले, बमबारी की रिपोर्ट


बेरूत/तेल अवीव, 13 जून (आईएएनएस)। इजरायल डिफेंस फोर्सेस (आईडीएफ) ने हिज्बुल्लाह पर संघर्ष विराम नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए दक्षिण लेबनान के कई स्थानों पर हवाई हमले किए। ये हमले 20 स्थानों के लिए निकासी चेतावनी जारी किए जाने के कुछ ही समय बाद हुए।

लेबनान की सरकारी न्यूज एजेंसी एनएनए के अनुसार, शनिवार को दक्षिण लेबनान में कई स्थानों पर इजरायली हवाई हमले हुए। यह हमले उस चेतावनी के बाद हुए, जिसमें नबातिये शहर सहित 20 कस्बों और गांवों को संभावित सैन्य कार्रवाई से पहले खाली करने को कहा गया था।

राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने बताया कि जिन क्षेत्रों को निकासी आदेश में शामिल किया गया था, उन्हीं में कई स्थानों पर बमबारी हुई। इनमें रिहान और सुजूद गांव शामिल हैं, जो नबातिये के पास स्थित हैं।

इससे पहले आईडीएफ के अरबी भाषा के प्रवक्ता अविचाय अद्राए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्थानीय लोगों से तुरंत क्षेत्र खाली कर जहरानी नदी के उत्तर की ओर जाने की अपील की थी। इजरायली सेना ने आरोप लगाया है कि हिज्बुल्लाह संघर्षविराम का उल्लंघन कर रहा है और उसके सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है।

हालिया घटनाक्रम ने दक्षिण लेबनान में तनाव को और बढ़ा दिया है, जहां सीमा पार हमलों और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला लंबे समय से जारी है। स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है, जबकि प्रभावित इलाकों में लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने लेबनान में यूएन शांति सैनिक की हत्या की निंदा की। परिषद ने लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के एक सैनिक की मौत की कड़ी निंदा की है। यह बयान 4 जून को हुए उस हमले के बाद जारी किया गया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल लेबनान (यूएनआईएफआईएल) के एक सर्बियाई शांति सैनिक की मौत हो गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, यह सैनिक उस समय गंभीर रूप से घायल हो गया जब उसके तैनाती स्थल पर मोर्टार शेल्स गिरे। इस हमले में दो अन्य शांति सैनिक भी घायल हुए थे।

सुरक्षा परिषद के सभी 15 सदस्यों ने संयुक्त बयान में पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

परिषद ने यह स्पष्ट नहीं किया कि मोर्टार फायरिंग के पीछे कौन था, लेकिन संयुक्त राष्ट्र से इस घटना की तुरंत और निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को बिना देरी के जवाबदेह ठहराने की अपील की।

बयान में सभी शांति सैनिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा गया कि वे अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए अपने जीवन को जोखिम में डालकर सेवा करते हैं। साथ ही, यूएनआईएफआईएल में शामिल देशों के योगदान की भी विशेष रूप से प्रशंसा की गई।

–आईएएनएस

केआर/


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