दीपिका कुमारी: चार ओलंपिक में भाग लेने वाली देश की इकलौती तीरंदाज

नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। दीपिका कुमारी का नाम देश की सबसे सफल तीरंदाजों में शुमार किया जाता है। दीपिका ने वैश्विक स्तर पर तीरंदाजी के क्षेत्र में देश का नाम रोशन किया है। दीपिका का लक्ष्य अगले ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना है।
दीपिका का जन्म 13 जून 1994 को झारखंड की राजधानी रांची में हुआ था। एक साधारण परिवार में पली-बढ़ीं दीपिका का बचपन आर्थिक तंगी में बीता। उनके पिता ऑटो रिक्शा चलाते थे और परिवार के लिए तीरंदाजी जैसे महंगे खेल के उपकरण खरीदना संभव नहीं था। बचपन में वह बांस से बने अस्थायी धनुष-बाण से अभ्यास करती थीं।
दीपिका की प्रेरणा उनकी कजिन बहन विद्या कुमारी थीं, जो टाटा आर्चरी अकादमी में प्रशिक्षण ले रही थीं। उन्हें देखकर ही दीपिका के मन में भी तीरंदाज बनने इच्छा जगी। बाद में उन्हें टाटा आर्चरी अकादमी में प्रवेश मिला, जहां उन्हें बेहतर प्रशिक्षण मिला।
2009 में दीपिका ने कैडेट विश्व चैंपियनशिप और युवा विश्व चैंपियनशिप जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। 2012 में तुर्की में आयोजित विश्व कप चरण में रिकर्व वर्ग का स्वर्ण पदक जीतकर दुनिया की नंबर-1 महिला रिकर्व तीरंदाज बनने का उन्होंने गौरव हासिल किया।
उनकी बड़ी उपलब्धियों में 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में दो स्वर्ण पदक, एशियाई खेलों का कांस्य पदक, विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक और कई विश्व कप पदक शामिल हैं।
दीपिका चार ओलंपिक में हिस्सा लेने वाली भारत की इकलौती तीरंदाज हैं। हालांकि वह अब तक ओलंपिक पदक जीतने में सफल नहीं हो सकी हैं, लेकिन क्वार्टरफाइनल तक पहुंचकर उन्होंने अपनी क्षमता का परिचय दिया।
तीरंदाजी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें 2012 में अर्जुन पुरस्कार और 2016 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
दीपिका ने 2020 में साथी तीरंदाज अतनु दास से विवाह किया था। 2022 में वह मां बनी। उन्होंने बेटी को जन्म दिया। अपनी बेटी का नाम दीपिका ने वेदिका रखा है।
दीपिका तीरंदाजी में सक्रिय हैं और 2028 ओलंपिक में पदक जीतने के लक्ष्य के साथ मेहनत कर रही हैं।
–आईएएनएस
पीएके