भोजपुरी के 'पावर स्टार' को भाजपा का बड़ा तोहफा, बिहार विधान परिषद चुनाव में पवन सिंह को मिला टिकट


पटना, 5 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिहार विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है, जिसमें सबसे ज्यादा चर्चा भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार और ‘पावर स्टार’ के नाम से मशहूर पवन सिंह को टिकट दिए जाने की रही। दरअसल, भाजपा ने इस बार पवन सिंह को भी एमएलसी उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने कई बड़े और चर्चित नामों को भी टिकट दिया है।

भाजपा की लिस्ट में पवन सिंह के अलावा संजय मयूख, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित को भी उम्मीदवार बनाया गया है। हालांकि इन सभी नामों में सबसे ज्यादा सुर्खियां पवन सिंह बटोर रहे हैं। उनकी लोकप्रियता और राजपूत समाज में उनकी पकड़ को देखते हुए पार्टी ने उन पर बड़ा दांव लगाया है।

पवन सिंह का नाम भोजपुरी सिनेमा में किसी परिचय का मोहताज नहीं है। वह आज भोजपुरी इंडस्ट्री के सबसे बड़े सितारों में गिने जाते है। लेकिन उनका यह सफर आसान नहीं रहा। आर्थिक तंगी और संघर्षों के बीच उन्होंने बहुत कम उम्र में ही काम करना शुरू कर दिया था।

संगीत की दुनिया में उनकी शुरुआत 1997 में आए एल्बम ‘ओढ़निया वाली’ से हुई। इसके बाद ‘कांच कसैली’ जैसी एल्बमों ने उन्हें पहचान दिलाई। हालांकि असली सफलता उन्हें 2008 में रिलीज हुए सुपरहिट गीत ‘लॉलीपॉप लागेलू’ से मिली। यह गाना देश-विदेश में भी लोकप्रिय हुआ। इसी गाने ने पवन सिंह को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई और उन्हें भोजपुरी संगीत जगत का बड़ा सितारा बना दिया।

गायकी में सफलता हासिल करने के बाद उन्होंने फिल्मों का रुख किया। 2007 में रिलीज हुई ‘रंगली चुनरिया तोहरे नाम’ से उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने ‘प्रतिज्ञा’, ‘डकैत’, ‘वांटेड’, ‘लोहा पहलवान’, ‘पवन राजा’, ‘प्रतिज्ञा’, ‘शेर सिंह’, ‘सत्या’ और ‘सईयां भईल परदेसी’ जैसी कई सफल फिल्मों में काम किया और भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार बन गए। आज उनकी फिल्मों और गानों का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार रहता है।

फिल्मी दुनिया में सफलता के बाद पवन सिंह ने राजनीति में भी कदम रखा। साल 2014 में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद से वह समय-समय पर पार्टी के कार्यक्रमों और अभियानों में सक्रिय नजर आते रहे। राजनीतिक मामले में उनका नाम 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। भाजपा ने उन्हें पश्चिम बंगाल की आसनसोल लोकसभा सीट से उम्मीदवार घोषित किया। हालांकि उम्मीदवार घोषित होने के कुछ ही समय बाद उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया।

उस समय उनके कुछ पुराने गीतों को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि कुछ गीतों में महिलाओं और बंगाल को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां हैं। इसके अलावा, पार्टी के अंदर से भी उनकी उम्मीदवारी को लेकर विरोध की खबरें सामने आई थीं। ऐसे में पवन सिंह ने भाजपा नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए आसनसोल से चुनाव न लड़ने का फैसला लिया।

इसके बाद उन्होंने बिहार की काराकाट लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। सोशल मीडिया पर किए गए अपने पोस्ट में उन्होंने कहा था कि उन्होंने अपनी मां से वादा किया था कि वह चुनाव लड़ेंगे और उसी वादे को निभाने के लिए मैदान में उतर रहे हैं। हालांकि, उन्हें इस सीट से हार का सामना करना पड़ा था।

–आईएएनएस

पीके/एबीएम


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