संयुक्त राष्ट्र महिला की नई प्रतिनिधि ने भारत में कार्यभार संभाला

नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। भारत में संयुक्त राष्ट्र महिला (यूएन विमेन) की नई देश प्रतिनिधि के रूप में शोकू इशिकावा ने अपना परिचय पत्र विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सीबी जॉर्ज को प्रस्तुत किया। यह औपचारिक प्रक्रिया नई प्रतिनिधि के भारत में आधिकारिक कार्यकाल की शुरुआत को दर्शाती है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर कुछ तस्वीरों के साथ ये जानकारी दी।
इस अवसर पर सचिव (पश्चिम) ने उन्हें भारत में सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में भारत और संयुक्त राष्ट्र महिला के बीच सहयोग और मजबूत होगा।
यह औपचारिक प्रक्रिया किसी भी अंतरराष्ट्रीय संगठन के प्रतिनिधि के लिए आवश्यक होती है, जिसके माध्यम से वे किसी देश में आधिकारिक रूप से अपने कार्यों की शुरुआत करते हैं।
यूएन विमेन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ये एक ऐसी संयुक्त राष्ट्र एजेंसी है, जो दुनिया भर में लैंगिक समानता और महिलाओं-लड़कियों के सशक्तिकरण के लिए काम करती है। भारत में यह संस्था सरकार और विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक भागीदारी और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों के लिए काम करती है।
नई प्रतिनिधि शोकू के कार्यभार संभालने से भारत में चल रहे कई कार्यक्रमों और परियोजनाओं को और गति मिलने की उम्मीद है। इनमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना, हिंसा के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाना, और सामाजिक-आर्थिक विकास में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना शामिल है।
आधिकारिक साइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, भारत में अपनी नई जिम्मेदारी संभालने से पहले इशिकावा न्यूयॉर्क स्थित यूएन विमेन के नीति, कार्यक्रम और अंतर-सरकारी मामलों के प्रभाग में उप-निदेशक के पद पर कार्यरत थीं। इस भूमिका में उन्होंने वैश्विक स्तर पर महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता से जुड़े कार्यक्रमों का नेतृत्व किया। साथ ही, उन्होंने यूएन विमेन की 2026-2029 की रणनीतिक योजना तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शोकू इशिकावा बांग्लादेश और वियतनाम में यूएन विमेन की देश प्रतिनिधि के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं। इन देशों में उन्होंने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, महिलाओं के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने, लैंगिक संवेदनशील शासन व्यवस्था, शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों तथा मानवीय सहायता कार्यक्रमों का सफल नेतृत्व किया। उन्होंने पूर्वी और दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र की कार्यवाहक क्षेत्रीय निदेशक के रूप में भी सेवाएं दी हैं।
उनका संयुक्त राष्ट्र करियर यूनिफेम (संयुक्त राष्ट्र महिला विकास कोष) से शुरू हुआ था। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के खिलाफ सभी प्रकार के भेदभाव के उन्मूलन संबंधी अंतरराष्ट्रीय संधि (सीईडीएडब्ल्यू) के क्रियान्वयन और दक्षिण-पूर्व एशिया में महिलाओं की न्याय तक पहुंच को मजबूत बनाने के लिए काम किया।
–आईएएनएस
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