फाइनल में गिल-सुदर्शन को भुवनेश्वर-हेजलवुड जितनी जल्दी आउट करेंगे, आरसीबी के लिए बेहतर होगा: जतिन परांजपे


नई दिल्ली, 30 मई (आईएएनएस)। भारत के पूर्व क्रिकेटर और राष्ट्रीय चयनकर्ता जतिन परांजपे का मानना ​​है कि रविवार को अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और गुजरात टाइटंस (जीटी) के बीच होने वाले आईपीएल 2026 के फाइनल का नतीजा इस बात पर टिका है कि आरसीबी के भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड की तेज गेंदबाजों की जोड़ी जीटी के ओपनरों शुभमन गिल और साई सुदर्शन को कितनी जल्दी आउट कर पाती है।

परांजपे ने शनिवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा, “फाइनल में मुख्य मुकाबला भुवनेश्वर कुमार और हेजलवुड बनाम साई सुदर्शन और शुभमन गिल के बीच होगा। गिल और सुदर्शन इस साल आईपीएल में सबसे सफल ओपनिंग जोड़ी रहे हैं। अगर आरसीबी उन्हें जल्दी आउट कर पाती है, तो मैच पूरी तरह से रोमांचक हो सकता है।”

उन्होंने कहा, “आरसीबी के टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों को भी जीटी की तेज गेंदबाजी जोड़ी रबाडा और मोहम्मद सिराज की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। सिराज के कंधे में चोट लगने के बाद उनकी उपलब्धता पर सबकी नजर रहेगी। टी20 में रबाडा को विराट कोहली के खिलाफ सफलता मिली है। उन्होंने 17 पारियों में 5 बार कोहली को आउट किया है। वहीं, सिराज ने देवदत्त पडिक्कल को परेशान किया है और आठ पारियों में तीन बार उन्हें आउट किया है।”

परांजपे ने कहा, “मुझे लगता है कि इस फाइनल का महत्व दोनों टीमों के लिए बहुत ज्यादा है। आरसीबी अगर लगातार दूसरे साल खिताब जीतती है, तो यह उनके दबदबे की नई शुरुआत हो सकती है। गुजरात टाइटंस ने पिछली बार 2022 में खिताब जीता था। 2023 में फाइनल में वह चेन्नई सुपर किंग्स से हार गए थे। जीटी से ज्यादा खिताब कप्तान शुभमन गिल के लिए अहम होगा। वह दो फॉर्मेट में भारत के कप्तान हैं और भारत के कप्तान के तौर पर, आप दुनिया का सबसे बड़ा टी20 टूर्नामेंट भी जीतना चाहेंगे। मुझे यकीन है कि वह टी20 क्रिकेट में भी भारत की कप्तानी करना चाहेंगे। इसलिए आरसीबी के लिए खिताब टीम के रूप में अहम है, जबकि जीटी के लिए कप्तान के साथ-साथ टीम के लिए भी अहम है।”

आरसीबी के दाएं हाथ के तेज गेंदबाजों भुवनेश्वर कुमार और हेजलवुड का आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन रहा है। भुवनेश्वर कुमार ने 15 मैचों में 26 विकेट लिए हैं, जबकि हेजलवुड ने 12 मैचों में 13 विकेट लिए हैं।

अगर सीजन में गिल और साई के प्रदर्शन पर नजर डालें तो गिल ने 15 मैचों की 15 पारियों में 1 शतक और 6 अर्धशतक लगाते हुए 722 रन बनाए हैं। वहीं, साई सुदर्शन ने 16 मैचों की 16 पारियों में 1 शतक और 8 अर्धशतक लगाते हुए 710 रन बनाए हैं। जीटी को फाइनल में पहुंचाने में गिल और साई की बल्लेबाजी का सबसे अहम योगदान रहा है। दूसरे क्वालीफायर में गिल ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 104 रन की पारी खेल जीटी को फाइनल में पहुंचाया था।

–आईएएनएस

पीएके


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