सीयूईटी परीक्षा में देरी पर एसपी वैद ने जताई चिंता, कहा- पेपर से पहले करें रिहर्सल


जम्मू, 30 मई (आईएएनएस)। सीयूईटी परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी के चलते देरी होने को लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा है कि यह सही नहीं है। इसके लिए पहले ही टेस्टिंग की जानी चाहिए ताकि परीक्षा प्रक्रिया में इस तरह की समस्याएं दोबारा न हों। इससे देश की युवा पीढ़ी का भविष्य प्रभावित होता है।

आईएएनएस से बातचीत के दौरान एसपी वैद ने सीयूईटी परीक्षा में हुई देरी पर कहा कि आदर्श स्थिति यही होती कि परीक्षा बिना किसी बाधा के समय पर शुरू होती। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि जहां तकनीक का इस्तेमाल होता है, वहां तकनीकी गड़बड़ियां आने की संभावना रहती है। उन्होंने कहा कि ऐसी समस्याओं से बचने के लिए पहले से पूरी तैयारी और रिहर्सल होनी चाहिए, ताकि अंतिम समय में किसी तरह की तकनीकी दिक्कत सामने न आए।

पेपर लीक के मामलों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच पहले से सीबीआई कर रही है और कई लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियां और सरकार इस मुद्दे की गंभीरता को अच्छी तरह समझती हैं, क्योंकि यह लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ विषय है।

वैद ने कहा कि देश में होने वाली बड़ी परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा, एनडीए और इंडियन फॉरेस्ट सर्विस समेत कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं आयोजित करता है, लेकिन वहां कभी पेपर लीक जैसी घटनाएं सुनने को नहीं मिलतीं। उनके अनुसार, यूपीएससी की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था काफी मजबूत और भरोसेमंद है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को यूपीएससी के मॉडल और उसकी सर्वोत्तम प्रक्रियाओं का अध्ययन कर उन्हें अपनाना चाहिए।

इस दौरान उनसे उस फैसले पर भी सवाल पूछा गया जिसमें परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए सेना की मदद लेने की चर्चा हो रही है। इस पर एसपी वैद ने कहा कि भारत में लगभग हर मुद्दे पर राजनीति होती है, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर वह परीक्षा संचालन में सेना को शामिल किए जाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यूपीएससी जैसी संस्थाएं बिना सेना की मदद के वर्षों से सफलतापूर्वक परीक्षाएं आयोजित कर रही हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यदि केंद्र सरकार ने ऐसा कोई फैसला लिया है तो निश्चित रूप से सोच-समझकर ही लिया होगा, क्योंकि अब और अधिक पेपर लीक या विवादों की गुंजाइश नहीं है। उनके मुताबिक, सेना अंतिम विकल्प हो सकती है, लेकिन प्राथमिकता मजबूत और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली विकसित करने पर होनी चाहिए।

वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने भी परीक्षा प्रणाली को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों में प्रदेश में आयोजित लगभग हर बड़ी परीक्षा किसी न किसी विवाद या पेपर लीक के आरोपों से घिरी रही है। उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश में ऐसी कोई बड़ी परीक्षा नहीं बची, जिस पर सवाल न उठे हों।

अवधेश प्रसाद ने कहा कि हाल ही में विश्वविद्यालय परीक्षाओं और नीट जैसे मामलों को लेकर भी विवाद सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से युवाओं का भरोसा कमजोर होता है और सरकार को इस दिशा में गंभीरता से काम करना चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रदेश के युवाओं और बेरोजगार अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनकी पार्टी लगातार इस मुद्दे को उठा रही है और भविष्य में बेहतर परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की कोशिश करेगी।

–आईएएनएस

पीआईएम/डीएससी


Show More
Back to top button